गोरखपुर मेडिकल कालेज में जूनियर डाक्टरों ने की तोडफ़ोड़

दरअसल मंगलवार की रात में जूनियर डाक्टरों की एक यहां भर्ती एक मरीज के परिजन से कहासुनी हो गयी। बताया जा रहा है कि परिजन डाक्टर से अपने मरीज के पास जाने का आग्रह कर रहे थे लेकिन डॉक्टर ने मना कर दिया। मरीज के पास जाने पर अड़ा परिजन डॉक्टर से भिड़ गया, इस कहासुनी के दौरान परिजन द्वारा एक जूनियर डॉक्टर की पिटाई कर दी गयी थी।
डॉक्टर व परिजन के बीच यह विवाद इतना बढ़ गया कि जूनियर डॉक्टरों ने काम-काज ठप कर हड़ताल का एलान कर दिया। बदहाल चिकित्सा व्यवस्था को देखते हुए कालेज के प्रधानाचार्य ने जूनियर डाक्टरों को वार्ता के लिए बुलाया, उन्होंने हड़ताल पर आमादा डॉक्टरों को समझाने का प्रयास किया लेकिन डाक्टर नहीं माने। इसी बीच प्रधानाचार्य व जूनियर डॉक्टरों के बीच बहस होने लगी। डॉक्टर ने चिकित्सालय में अपनी सुरक्षा की मांग की, पर बात नहीं बन सकी। प्रधानाचार्य के कथित रवैये से नाराज होकर डॉक्टरों ने उनके कार्यालय में जमकर तोडफ़ोड़ की और उत्पात मचाया।
चिकित्सालय में इस गहमागहमी के बीच निर्धारित आपरेशन भी टाल दिये गए हैं और ओपीडी में जूनियर डाक्टर मरीजों को देखने नहीं गए। जूनियर डाक्टरों की इस हड़ताल से मरीजों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इन दिनों गोरखपुर में मस्तिष्क रोगियों की संख्या बढऩे के कारण इलाज की समस्या खड़ी हो गयी है। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी की सांसद स्मृति ईरानी बाबा राघवदास मेडिकल कालेज पहुंची और उन्होंने जूनियर डाक्टरों की निन्दा करते हुए कहा कि मरीजों की हालत को देखते हुए हड़ताल नहीं करनी चाहिए।












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