अवैध निर्माण: नोटिस नहीं एफआईआर दर्ज कर

उन्होंने तहसीलदारों को निर्देश दिये कि वे पटवारियों की बैठक बुला कर उनसे कहें कि वे हर 15 दिन में उनके कार्यक्षेत्र में होने वाले अवैध निर्माणों की सूचना उन्हें दें। यदि कोई निर्माण नहीं भी हो रहा हो तब भी वे अपनी रिपोर्ट शून्य लिख कर दें लेकिन पटवारी से रिपोर्ट जरूर आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पटावारियों से प्राप्त सूचनाएं डीटीपी के साथ सांझी की जायेंगी ताकि वे अवैध निर्माणों को शीघ्रता से हटा सकें। मीणा ने कहा कि सड़कों के दोनों तरफ 30 मीटर के दायरे में अतिक्रमण नहीं होने देने की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग (भवन एवं सड़कें) की है। इसी प्रकार हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (हुडा) द्वारा अधिग्रहित भूमि को अतिक्रमण से बचाना और यदि अतिक्रमण कर लिया गया है तो उसे हटवाने की जिम्मेदारी हुडा विभाग के अधिकारियों की है।
गुडग़ांव नगर निगम, सोहना, फरूखनगर, पटौदी तथा हेलीमण्ड़ी नगर पालिका क्षेत्रों में अतिक्रमण या अवैध कब्जे हटवाने की जिम्मेदारी सम्बन्धित निगम या पालिका के अधिकारियों की है। उन्होंने कहा कि आयुध डिपो के 900 मीटर दायरे में नये निर्माण नहीं होने देने की जिम्मेदारी नगर निगम तथा ग्राम एवं नगर योजनाकार विभाग के अधिकारियों की है। उपायुक्त ने लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियन्ता एन.के. तोमर से कहा कि वे 15 दिन के भीतर जिला में उनके विभाग की सड़कों के साथ बने ऐसे अवैध निर्माणों को हटाने की कार्य योजना तैयार करके उन्हें दें।












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