इस दीवाली मायावती पर गिरेगा 'अन्ना बम'

उत्तर प्रदेश के लोगों की दीवाली तो हमेशा से धूम-धड़ाके वाली रही है, लेकिन मुख्यमंत्री मायावती की दीवाली कैसी होगी, यह चर्चा का विषय है। पहली बात यह कि यह साल का सबसे बड़ा त्योहार है, दूसरी बात यह कि दीवाली के तुरंत बाद चुनावी धमाका होना है। खबर है कि चुनाव आयोग ने यूपी सरकार पर जल्द चुनाव कराने का दबाव बनाना शुरू कर दिया है। ऐसे में 'अन्ना बम' का खौफ मायावती को अभी से सताने लगा है।
इस दीवाली मायावती के लिए सबसे बड़ी चिंता होगी कि वो बसपा से किसे चुनाव में खड़ा करें, किसे नहीं। एक-एक कर उनके नेता दागी निकलते जा रहे हैं। ऐसे में जनता से किया हुआ वो वादा भी निभाना है कि दागियों के लिए पार्टी में जगह नहीं है। पार्टी में अगर प्रत्याशियों का अकाल पड़ गया, तो क्या होगा।
लगातार कमजोर पड़ते वोट बैंक पर वार करने के लिए कलराज मिश्र और राजनाथ सिंह की रथ पर सवार हैं, वहीं टीम अन्ना अपने यूपी में भ्रष्टाचार के खिलाफ बिगुल फूंक चुकी है। टीम अन्ना के सदस्यों की मानें तो दीवाली बाद उनका यूपी में अभियान तेज हो जायेगा। जाहिर है, यूपी में भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज़ मतलब मायावती के खिलाफ आवाज। अब मायावती क्या करेंगी यह तो वक्त बतायेगा, लेकिन यह जरूर है कि इस दीवाली वो अन्ना बम की गूंज से सो नहीं पायेंगी।
सिर्फ इतना ही नहीं बल्कि मुलायम सिंह यादव के पुत्र अखिलेश यादव भी अपना रथ छोड़ साइकिल पर सवार हो गये हैं। अब साइकिल का पहिया कहीं हाथी पर चढ़ गया तो क्या होगा। यह चिंता माया को खाये जा रही है। एक चिंता यह भी कि कार्यकाल पूरा होने में काफी कम समय रह गया है और उनके कई प्रोजेक्ट अधूरे पड़े हैं।
वैसे हम लक्ष्मी माता से प्रार्थना करेंगे कि इस दीवाली अगर मायावती उनसे धन मांगें तो उन्हें ठेंगा दिखा दें, क्योंकि पिछली पांच दीवाली में उन्हें जितना पैसा मिला, वो सब पार्कों और स्मारकों पर लग गया। लिहाजा इस बार अगर दें, तो पहले उनसे पिछला हिसाब जरूर मांग लें।












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