शिवानी हत्याकांड में आज आ सकता है फैसला

शर्मा ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करके उम्रकैद की सजा को चुनौती दी है। सूत्रों ने बताया कि इस पर लगभग दो महीने तक दोनों पक्षों की जिरह सुनने के बाद 21 दिसंबर, 2010 को हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। सूत्रों ने बताया कि सरकारी वकील पवन शर्मा ने इस मामले में आरके शर्मा सहित चारों आरोपियों को सुनाई गई सजा को बरकरार रखने की मांग करते हुए कहा था कि इस मामले में बरी किए गए दो अन्य आरोपियों को भी सजा दी जानी चाहिए।
पवन शर्मा ने बीस परिस्थितिजन्य साक्ष्यों का हवाला देते हुए कहा था कि यह साबित होता है कि आरके शर्मा ने आरोपी सत्य प्रकाश, श्रीभगवान व प्रदीप के साथ मिलकर षड्यंत्र रचा था। इसके बाद इन्होंने ढाई साल के बच्चे की मां शिवानी की हत्या कर दी। शर्मा वारदात के समय मुंबई में बैठकर इस कार्रवाई को संचालित कर रहा था। सरकारी वकील शर्मा ने पूर्व आइपीएस की दलीलों पर पलटवार करते हुए कहा था कि फोन कॉल रिकार्ड में छेड़छाड़ पुलिस ने नहीं बल्कि शर्मा ने खुद कराई थी क्योंकि वह इस मामले में काफी समय बाद गिरफ्तार हुआ था।
इतना ही नहीं शर्मा ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए गवाहों को भी प्रभावित किया था। इसलिए मामले के लगभग चालीस गवाह मुकर गए और एक गवाह ने तो हरियाणा पुलिस द्वारा प्रताडि़त करने की बात भी कही थी। वहीं बचाव पक्ष ने सभी आरोपियों को बरी करने की मांग करते हुए कहा था कि उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं है। उन्हें इस मामले में फंसाया गया है।












Click it and Unblock the Notifications