सोनिया ने बनाया दबाव तो हल हुआ 2जी मामला

सूत्रों ने बताया कि स्पेक्ट्रम विवाद को लेकर दो वरिष्ठ मंत्रियों के झगड़े में फंसी सरकार और पार्टी की सेहत सुधारने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को अपनी ताकत का इस्तेमाल करना पड़ा। इसके बाद ही सरकार के दोनों वरिष्ठ मंत्रियों को सुलह-सफाई का संयुक्त संदेश देना पड़ा। मुखर्जी और चिदंबरम की सुलह के बाद सोनिया ने शाम को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से भी बात की। सूत्रों के मुताबिक संकट को हल करने के लिए सोनिया गांधी ने लगातार अपने सलाहकारों से बातचीत की और उन्हें निर्देश दिया कि जैसे भी हो मुखर्जी और चिदंबरम के बीच टकराव खत्म किया जाए। गुरुवार की सुबह दस जनपथ पर पहले सोनिया ने अपने राजनीतिक सचिव अहमद पटेल और रक्षा मंत्री ए.के.एंटनी के साथ विचार विमर्श किया। इसके बाद वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी भी उसमें शामिल हुए और यह बैठक करीब दो घंटे तक चली।
इसके बाद सोनिया के ही निर्देश पर दोनों मंत्रियों की प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से बात हुई। दस जनपथ के करीबी सूत्रों के मुताबिक जिस तरह पिछले कुछ समय से प्रधानमंत्री कार्यालय की नौकरशाही ने जो गड़बड़झाले किए हैं, उससे यूपीए सरकार और कांग्रेस दोनों की न सिर्फ साख खराब हुई है, बल्कि नेतृत्व को पार्टी के राजनीतिक भविष्य की फिक्र भी हो चली है। इसीलिए 2जी मामले में बिना देर किए और प्रधानमंत्री की वापसी से पहले ही कमान सोनिया ने अपने हाथ में लेकर मुखर्जी और चिदंबरम दोनों को दस जनपथ बुलाकर बातचीत की। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस अध्यक्ष ने मुखर्जी से करीब पौन घंटा बात करके उन्हें इस झंझट से सरकार और पार्टी को निकालने की जिम्मेदारी देते हुए कहा कि आपको ही इसका हल निकालना है जिसके बाद इस विवाद का हल निकल सका।












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