किरायेदार का वेरीफिकेशन न करने पर 2 गिरफ्तार

राजधानी के सभी पुलिस स्टेशन इस निर्देश पर अमल भी कर रहे हैं। वजह यह कि अमूमन देखा जाता है कि वारदात को अंजाम देने से पहले दहशत गर्द यहां आसानी से मकान हासिल कर लेते हैं। वेरीफिकेशन न होने से इनकी पहचान भी नहीं हो पाती। कृष्णा नगर के अजीत सिंह ने चार महीने पहले एक किराएदार रखा। लेकिन इन्होंने उसका पुलिस वेरीफिकेशन नहीं कराया। जांच के दौरान पुलिस ने अजीत के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।
वहीं, गीता कालोनी के बलदेव राज ने भी ठीक ऐसी ही गलती की। पांच माह पूर्व इन्होंने एक किराएदार रखा। लेकिन उसका पुलिस सत्यापन नहीं करवाया। उन्हें भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। दिल्ली पुलिस ने कहा है कि किराएदारों का वेरीफिकेशन जरुरी है। ऐसा न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।
किराएदारों के वेरीफिकेशन का आदेश अंडर सेक्शन 144 कोड ऑफ क्रिमिनल एक्ट के तहत लागू किया गया है। इसका उल्लंघन करने पर मकान मालिक या किराएदार के खिलाफ आईपीसी एक्ट 188 के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाती है। इसमें तीन महीने की सजा, या जुर्माना या दोनों हो सकता हैं।












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