आगरा बम ब्लास्ट: अस्पतालों की होड़ भी हो सकती है कारण

मालूम हो कि गौरतलब है कि ताजमहल से 3 किमी दूर सिकन्दरा रोड स्थित जय अस्पताल में शनिवार शाम करीब 5.40 बजे हुए बम विस्फोट में 8 लोग घायल हो गए। वहीं प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक घायलों की संख्या 15 है। एडीजे बृजलाल के मुताबिक ये एक लो इंटेसिटी बम था। मौके से विस्फोटक के साथ बैटरी और तार भी मिले हैं। विस्फोट में आईईडी का इस्तेमाल किया है। इस हमले के बाद पूरे प्रदेश में हाई एलर्ट घोषित कर दिया गया है और ताजमहल की सुरक्षा बढ़ा दी गयी है।
किसी काम नहीं आई सर्तकता
ताजमहल की मौजूदगी के चलते आगरा में सक्रिय रहने वाली इंटेलीजेंस से स्थानीय अभिसूचना इकाई तक को विस्फोट की भनक नहीं लग सकी। ऊपर से एटीएस की टीम दो दिन से ताजनगरी में डेरा डाले हुए थी, उसकी मौजूदगी भी घटना को नहीं टाल पाई। शनिवार को जय हॉस्पिटल में हुए बम धमाके ने ताजनगरी में बिछे खुफिया तंत्र के जाल को पूरी तरह नाकाम साबित कर दिया।
सतर्कता की बात करें तो बीते 15 अगस्त से शहर में अतिरिक्त मशक्कत चल रही है। स्वतंत्रता दिवस और ईद उल फितर के बाद चौकसी थोड़ी सामान्य हुई थी कि बीते दिनों दिल्ली में बम धमाका हो गया। जिसके बाद व्यापक स्तर पर सतर्कता और चेकिंग अभियान शुरू किया गया। सूत्रों की मानें तो रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंडों पर निगरानी के साथ भीड़ भरे और महत्वपूर्ण स्थलों पर भी नजर रखी जा रही थी।
एसपी एटीएस के साथ आए कमांडोज ने गुरुवार को ताजमहल के आसपास का जायजा भी लिया था। इसके बाद से एटीएस शहर में भी डेरा डाले हुए थी। इस सबके बाद भी विस्फोटक शहर में पहुंचा और फिर हॉस्पिटल में धमाका भी कर दिया गया। सूत्रों की मानें तो एटीएस की आगरा में मौजूदगी बेवजह नहीं थी। हालांकि अधिकारी इस बात पर कुछ नहीं बोल रहे कि पहले से ऐसी धमाके जैसी कोई आशंका थी।












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