न्यायिक जवाबदेही बिल जनता के साथ छलावा: टीम अन्ना

न्यायिक उत्तरदायित्व बिल पर संसदीय समिति की रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि इसके जरिए न्यायपालिका में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने का कोई प्रावधान नहीं होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि अन्ना लोकपाल के दायरे से न्यायपालिका को अलग रखने के लिए इसलिए तैयार हो गए थे, क्योंकि सरकार ने कहा था कि इसके लिए न्यायिक उत्तरदायित्व बिल में प्रावधान किया जा रहा है।
वहीं टीम अन्ना के एक सदस्य शांति भूषण ने इस बिल को देश की जनता के साथ बड़ा छलावा करार दिया। प्रशांत भूषण ने संसदीय समिति की ओर से किए गए कुछ प्रस्तावों को न्यायपालिका की स्वतंत्रता में दखल भी बताया। उनके मुताबिक न्यायपालिका पर निगरानी के लिए प्रस्तावित ओवरसाइट कमेटी में दो सांसदों और भारत सरकार के अटार्नी जनरल को शामिल किया जाना इसकी स्वतंत्रता के लिहाज से उचित नहीं है।
इस प्रेस वार्ता में टीम अन्ना के सक्रिय सदस्य अरविंद केजरीवाल औऱ पूर्व आईपीएस अधिकारी किरण बेदी भी मौजूद थीं।












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