अग्निवेश की एफआईआर खारिज करने की मांग रद्द

जस्टिस एलएन मित्तल ने फैसले में कहा कि एफआईआर खारिज करने की मांग को स्वीकार नहीं किया जा सकता। मामले को पहली नजर में देखने पर स्पष्ट है कि अमरनाथ यात्रा करने वालों को यह भड़काने वाला बयान है। स्वामी अग्निवेश की तरफ से वकील आरएस बैंस ने कहा कि ऐसा कोई साक्ष्य नहीं है, जिससे यह साबित होता है कि अग्निवेश ने यह बात कही हो इस आधार पर एफआईआर को खारिज किया जा सकता है।
अदालत ने इस दलील को दरकिनार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि यदि एफआईआर खारिज कर दी जाती है तो यह जांच के दौरान एकत्र किए गए तथ्यों की अनदेखी होगी। ऐसे में कोई राहत नहीं दी जा सकती। शिकायतकर्ता प्रवीण कुमार तायल ने कहा है कि 18 मई को हुर्रियत कांफ्रेंस के अध्यक्ष सैय्यद अली शाह गिलानी के साथ बैठक के दौरान स्वामी अग्निवेश ने अमरनाथ यात्रा को हिंदुओं का धर्म के नाम पर धोखा कहा था।












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