कौन है तीसरे लोकपाल बिल को लाने वाली अरूणा रॉय?
श्रीमती अरुणा राय भारत की एक राजनैतिक एवं सामाजिक कार्यकर्ता (ऐक्टिविस्ट) महिला हैं। उन्होने सन् 1968 से 1975 तक भारतीय प्रशासनिक सेवा में कार्य किया। उनके योगदान के लिये उन्हें मैगससे पुरस्कार एवं मेवाड़ सेवाश्री आदि पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। वे राजस्थान के निर्धन लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिये किये गये प्रयास के लिये विशेष रूप से जानी जातीं हैं। भारत में सूचना का अधिकार लागू करने के लिये उनके प्रयत्न एवं योगदान उल्लेखनीय हैं। इन्हें नरेगा को कामयाब बनाने के लिए भी जाना जाता है।
अऱूणा रॉय को अन्ना टीम के अहम सदस्य अरिवंद केजरीवाल अपना गुरू मानते हैं, इसलिए अपने हर साक्षात्कार में वो अरूणा रॉय का नाम बड़े ही आदर से लेते हैं। आईबीएन 7 में बात करते हुए अरविंद केजरीवाल ने इस बात का खुलासा किया कि उन्होंने अरूणा रॉय को अन्ना हजारे के साथ भ्रष्टाचार की लड़ाई लड़ने की बात कही थी लेकिन अरूणा रॉय उनकी टीम की ओर से बनाये गये जनलोकपाल बिल से सहमत नहीं है इसलिए वो हमारे साथ नहीं आयीं।













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