जाट फिर लडेंगे आरक्षण की लड़ाई

समिति के प्रदेश महासचिव महेंद्र सिंह पूनिया ने कहा कि जाट समाज सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़ा हुआ है। उसे पिछड़ी जाति में शामिल किया जाना चाहिए। इसके लिए समाज ने पिछले दिनों संघर्ष किया था और केंद्र व राज्य सरकार ने जाट समाज को पिछड़ा वर्ग में शामिल करने के लिए छह महीने का
समय मांगा था। उन्होंने कहा कि तीन मई को केंद्र ने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग का पुनरावलोकन का अधिकार दे दिया था। दूसरी तरफ राज्य आयोग का गठन होने के बाद अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है।
उन्होंने कहा कि इसके बाद से दोनों सरकारें मौन हैं। जबकि समाज की आरक्षण की मांग जल्द पूरी होनी चाहिए।समिति के जिला अध्यक्ष दलजीत पंघाल ने कहा कि सरकार द्वारा उनकी मांग को पूरा करने का समय 13 सितंबर को पूरा हो जाएगा। अगर समय रहते उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो वे दोबारा आंदोलन करेंगे।
इस बार आंदोलन की रणनीति समिति 13 सितंबर को मय्यड़ की रैली में बताएंगे। अगर इससे पहले सरकार कोई प्रतिक्रिया देती है तो समिति इस पर विचार करेगी।












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