राम के मैदान से अन्ना मिटाएंगे भ्रष्टाचार का रावण

रामलीला मैदान भी यूपीए सरकार के लिए परेशानी का सबब बन गया है। इसी साल जून के पहले हफ्ते में योग गुरू बाबा रामदेव ने भी यहीं से सरकार के खिलाफ बिगुल फूंका था। सरकार उनका आंदोलन बंद कराने में सफल रही लेकिन अन्ना हजारे के जनसैलाब के सामने सरकार घुटने टेकती नजर आ रही है। अन्ना हजारे को पूरे देश से इतना समर्थन मिलेगा शायद इसकी उम्मीद सरकार को भी नहीं थी। अगर इसका अंदाजा सरकार को होता तो वह अन्ना हजारे को गिरफ्तार करने की हिमाकत नहीं करती।
पूरे देश में आलम यह है कि दिन के समय में लोग हाथों में झंडे और अन्ना हजारे के पोस्टर लेकर शांति मार्च कर रहे हैं वहीं रात के समय कैंडल मार्च निकालकर अन्ना के समर्थन को आग दे रहे हैं। अन्ना को मिल रहे जनसमर्थन में सभी वर्ग के लोग शामिल हैं। इनमें युवा बड़े स्तर पर शामिल हैं। जो यह संकेत देता है कि लोग भ्रष्टाचार से कितना परेशान हैं।
रामलीला मैदान को हम बुराई पर अच्छाई की जीत के लिए जानते हैं। यहां जाकर हम उन्हीं भगवान राम को याद करते हैं जिन्होंने रावण जैसे राक्षस का अंत किया था। हमारा देश भी इस समय भ्रष्टाचार नाम का राक्षस इस समय हमारे देश को खाए जा रहा है। अन्ना हजारे इस राक्षस को खत्म करने की मुहिम शुरू कर चुके हैं। पूरे देश की जनता सेना के रूप में उनके साथ खड़ी है। अब देखना है कि अन्ना और जनता रूपी उनकी सेना भ्रष्टाचार के रावण को खत्म कर सकती है या नहीं।












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