अन्ना की गिरफ्तारी मतलब लोकतंत्र की हत्या: अरुण जेटली
दिल्ली।
अन्ना हजारे की गिरफ्तारी के बाद देश में लगी आग की लपट संसद तक पहुंच गई। भारी हंगामे के बीच लोकासभा और राज्य सभा दोनों की कार्यवाही कल तक के लिये स्थगित कर दी गई है। दरअसल बीजेपी ने अन्ना की गिरफ्तारी को लोकतंत्र की हत्या बताते हुए प्रश्न काल स्थगित किये जाने की मांग की जिसे लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार ने खारिज कर दिया। id="toptextpromo">वहीं
दूसरी तरफ बीजेपी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने अन्ना हजारे के मसले पर कड़ी प्रतिक्रिया जताई। उन्होंने कहा कि अन्ना की गिरफ्तारी लोकतंत्र की हत्या है। वहरं दूसरी तरफ लोकसभा में विपक्ष नेता सुषमा स्वराज ने कहा कि सरकार लोकतंत्र का गला घोंट रही है। उन्होंने कहा कि सरकार सदन के बाहर और अंदर दोनों जगह अलोकतांत्रिक बर्ताव कर रही है. यह सरकार अपना संतुलन खो चुकी है। id='are-slot-1' class='oiad oi-axt oiadv'> id='top-searched-articles'>आपको
बताते चलें कि दिल्ली पुलिस ने आज सुबह अन्ना हजारे को हिरासत में ले लिया था। हिरासत में लेने के बाद पुलिस ने तीन घंटे के बाद आधारिक घोषणा कर दी कि उन्हें हिरासत में नहीं बल्कि गिरफ्तार किया गया है और उन्हें मजीस्ट्रेट के सामने पेश किया जायेगा।











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