अन्ना ने प्रधानमंत्री के आत्मा को ललकारा

अन्ना हजारे ने उनसे पूछा है कि केंद्र सरकार देश में इमरजेंसी जैसे हालात क्यों बनाने का प्रयास कर रही है। अन्ना ने दिल्ली में आधी रात को रामदेव के समर्थकों की पुलिसिया अत्याचार और पुणे में किसानों पर फायरिंग का उदाहरण देते हुए प्रधानमंत्री से सवाल किया है कि उनकी आजादी छीन कर वह किस कैसे 65वें स्वतंत्रता दिवस पर झंडा फहराएंगे प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में अन्ना ने अपने आंदोलन में लगाए जा रहे कांटों का ब्योरा देते हुए सरकार के मिजाज और उसके उद्देश्यों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
उन्होंने सिर्फ ढाई दिन के लिए उपवास की अनुमति देने पर लिखा है कि मुझे समझ नहीं आता कि किस कानून के तहत इस तरह की पाबंदी लगाई जा सकती है। यह सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अवमानना है। यह तानाशाही है। उन्होंने सरकार से यह पूछा है कि क्या आप और सरकार हमारे मौलिक अधिकारों का हनन नहीं कर रहे? जिन अधिकारों और आजादी के लिए हमारे क्रांतिकारियों और स्वतंत्रता सेनानियों ने कुर्बानी दी, स्वतंत्रता दिवस के दो दिन पहले क्या आप उसी आजादी को हमसे नहीं छीन रहे हैं?












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