किसानों को आकर्षित करने में जुटी बसपा

उत्तर प्रदेश सरकार की कैबिनेट की बैठक में कई फैसलों पर मुहर लगायी गयी। प्रदेश के एक लाख 2 हजार शिक्षा मित्र लम्बे समय से नियमित किए जाने की मांग कर रहे हैं। कैबिनेट ने उनकी मांग को स्वीकार करते हुए उनकी तैनाती का मार्ग खोल दिया। कैबिनेट ने तय किया कि शिक्षा मित्रों को नियमित किए जाने की प्रक्रिया दो चरणों में पूरी करायी जाए। पहले चरण में 62 शिक्षा मित्रों का चयन किया जाएगा जिसमें उन्हें दो वर्ष का प्रशिक्षण देकर नियमित किया जाएगा। जबकि शेष शिक्षा मित्रों की बोरी दूसरे चरण में आएगी।
कैबिनेट की मंजूरी के बाद तैनाती के रास्ते खुल जाने से शिक्षा मित्र काफी खुश हुए। कैबिनेट में रखे दूसरे प्रस्ताव पर भी मंजूरी की मुहर लगी इसमें तय किया गया कि किसानों को तीन प्रतिशत की ब्याज दर पर ऋण दिया जाएगा। दोनों ही फैसले सरकार ने समाज के एक बड़े तबके को अपनी ओर मिलाने का प्रयास किया है। ज्ञात हो कि भट्टा पारसौल व ग्रेटर नोएडा के कई गांवों में किसानों की जमीनों का अधिग्रहण किया गया। जिसके बाद विपक्षी दलों ने जमकर आरोप लगाए। किसानों के यह ऐसा मुददा था जिसने प्रदेश की राजनीति में आग लगा दी।
बसपा सरकार की इस मुददे पर काफी किरकिरी हुई। इन बातों को देखते हुए बसपा सरकार ने किसानों को अपनी ओर मिलाने का यह पैंतरा चला और सस्ती ब्याज दर पर कर्ज देने क पेशकश कर दी। विपक्षियों का कहना है कि ऐसा करने के बाद भी बसपा सरकार किसानों की हमदर्दी नहीं पा सकेगी। बात शिक्षा मित्रों की हो तो पूर्व में सरकार के इशारे पर पुलिस ने शिक्षा मित्रों पर कई बार लाठियां भांजी है ऐसे में उनके जख्म भी इतनी जल्दी भरने वाले नहीं हैं। कैबिनेट ने मानसून सत्र की भी घोषणा कर दी। कैबिनेट ने फैसला लिया कि विधान मण्डल का मानसून सत्र 5 अगस्त से शुरू किया जाए। विपक्षी दल इसी समय का इंतजार कर रहे थे जब वे सत्ता पक्ष के मंत्रियों से आमने सामने बैठकर सवाल जवाब कर सकेंगे।












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