छत्तीसगढ़ में नक्सलियों को रोकने में नाकाम डीजीपी विश्वरंजन हटाये गये

पिछले कई दिनों से विश्वरंजन और गृहमंत्री ननकी राम कंवार के बीच विवाद चल रहा था। राज्य की सुरक्षा को लेकर दोनों के बीच वैचारिक मतभेद बन चुके थे, जो कि अब गहरे होते जा रहे थे। इन मतभेदों के कारण नक्सली वारदातों से निपटने के लिए ठोस रणनीति भी नहीं बन पा रही थी। इसके चलते सरकार ने 1973 के बैच के आईपीएस विश्वरंजन पर गाज गिराते हुए उन्हें डीजीपी के पद से हटाकर महानिदेशक (होमगार्ड) एवं पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन का अध्यक्ष बना दिया।
गौरतलब है विश्वरंजन को 2007 में डीजीपी नियुक्त किया गया था। उस दौरान में इंफॉरमेशन ब्यूरो के अतिरिक्त महानिदेशक थे। विश्वरंजन को हटाया जाना इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे राज्य के मंत्रियों एवं प्रशासन के बीच सही तालमेल नहीं होने की बात सामने आ गई है। यही नहीं नये डीजीपी नक्सली वारदातों पर शिकंजा कस पायेंगे या नहीं यह भी सरकार के लिए बड़ी चुनौती होगा।












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