एनडी तिवारी नहीं दे रहे ब्लड के नमूने, कोर्ट नाराज

न्यायमूर्ति गीता मित्तल ने मामले की सुनवाई के दौरान तिवारी के अधिवक्ता के उस तर्क को खारिज कर दिया कि उन्होंने 70 वर्ष तक राष्ट्र की सेवा की है और वे वृद्धावस्था के अलावा कुछ अन्य कारणों से ब्लड नहीं देना चाहते। अदालत ने उनके इस तर्क को भी खारिज कर दिया कि वह आजादी के जंग में शामिल थे।
अदालत ने नाराजगी जताते हुए कहा स्वतंत्रता सेनानी का अर्थ यह नहीं कि वे कोर्ट के आदेश की अवहेलना करें। अदालत ने उनसे जानना चाहा कि जो तर्क वे रख रहे हैं वे आपके हैं या फिर आपके मुवक्किल के। अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा आपके मुवक्किल ने अभी तक 75 हजार जुर्माने की राशि का भी भुगतान नहीं किया और न ही ब्लड सैंपल दे रहे हैं।
हम उन्हें नोटिस जारी कर व्यक्तिगत रूप से पेश होने और उन्हें बयान दर्ज कराने का निर्देश जारी करते हैं। अदालत के रवैये को देख उन्होंने तुरंत कहा हम जल्द ही जुर्माने की राशि का भुगतान कर देंगे। अदालत ने कहा जुर्माना तो देना ही पड़ेगा, लेकिन इस मुद्दे पर सुनवाई कर रहे हैं कि जुर्माना न अदा कर उन्होंने आदेश की अवहेलना की है। अदालत ने एनडी को 14 जुलाई तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।












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