हादसे के 18 घंटे बाद भी नेट पर दौड़ रही थी कालका मेल

मगर इंटरनेट शायद इस बात से अंजान है। इंटरनेट पर रेलवे के रनिंग इनफार्मेशन सिस्टम में यह ट्रेन अभी भी दौड़ रही है। रेलवे के सूचना तंत्र की इस लापरवाही को लेकर अब सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर इतने बड़े हादसे को भी रेलवे के अफसरों ने यात्रियों के साथ आये दिन होने वाले मजाक की ही तरह क्यों ले लिया? इंटरनेट पर रेलवे के रनिंग इनफार्मेशन सिस्टम के अनुसार ट्रेन संख्या 12311 यानि हावड़ा दिल्ली कालका मेल को रविवार दोपहर 12.30 बजे कानपुर सेंट्रल स्टेशन पहुंचना था।
इसमें ट्रेन 41 मिनट लेट दिखायी जा रही थी। इतना ही नहीं नेट पर ट्रेन 1 बजकर 11 मिनट पर कानपुर सेंट्रल पहुंचने और यहां से 36 मिनट देरी से 1 बजकर 16 मिनट पर दिल्ली रवाना होने की सूचना दर्ज है। रेलवे ने इस जानकारी को अंतिम बार 11 जुलाई की सुबह 6.28 बजे अपडेट किया, यानी रविवार को हुए हादसे के 18 घंटे बाद। ऐसे में सवाल है कि क्या इतने बड़े हादसे की जानकारी रेलवे के इंटरनेट विभाग को नहीं थी।
शायद लोगों के दर्द का इल्म रेलवे को न हो मगर हमे और हमारी वेबसाइट (वन इंडिया) को है। हम अपने माध्यम से आपको सिर्फ घटनास्थल के बाद की एक बानगी दर्शाना चाहते है जिससे जानने के बाद आपके दिल में उन लोगों के लिये दुआ निकले जो रेलवे की इस गलती के चलते अपनो को छोड़ चले गये। तो आईए एक सफर कालका में बैठे यात्रियों के साथ कर लें जो आज उस खौफनाक मंजर को याद कर थर्रा उठते है।
हैरान हैं वह लोग जो बच गये
फतेहपुर हादसा कितना भी भयानक क्यूं न हो, मगर जिनकी रक्षा फरिश्तों के हाथ में हो उन्हें मौत भी नहीं ले जा पाती। रविवार को फतेहपुर के मलवां स्टेशन के पास हुए कालका मेल हादसे में भी लोगों ने इस बात को महसूस किया। बिहार के रहने वाले एक व्यक्ति पवन (काल्पनिक नाम) जो नौकरी के लिये हिमाचल प्रदेश जा रहे थे ने एक निजी न्यूज चैनल को बताया कि उनके सामने एक उनका ही एक मित्र जा रहा था। पवन ने बताया कि वह लोग जनरल बोगी में एक ही सीट पर बैठे थे।
उन्होंने बताया कि हादसे के समय तेज झटका लगा और कुछ समझ में नहीं आया। दस मिनट बाद उन्होंने देखा कि उनका मित्र बोगी की फर्श पर रेंगते हुए उसकी तरफ आ रहा था। उन्होंने बताया कि उन दोनों के बीच बैठा युवक अचानक कहां गायब हो गया कि पता ही नहीं चला। सोमवार को जब उसके बारे में पता लगा तो उसकी मौत हो चुकी थी। सेना के जवानों ने खिड़की तोड़कर उसके शव को बाहर निकाला था।
;











Click it and Unblock the Notifications