पटरी से उतरी कालका मेल की 13 बोगियां, 11 मरे 100 से ज्यादा घायल

प्राप्त जानकारी के अनुसार हावड़ा से दिल्ली आ रही तेज रफ्तार कालका मेल की 13 बोगियां फतेहपुर जिला मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर दूर कानपुर रेलवे ट्रैक मलवा स्टेशन के पास पटरी से उतर गईं। हादसा दोपहर लगभग 12 बजकर 20 मिनट पर हुआ। इस हादसे में लगभग 11 लोगों की मौत हो गई है और 100 लोग जख्मी हैं। गांव वालों की मदद से कुछ लोगों को बाहर निकाल लिया गया। हादसे के बाद से दिल्ली-यूपी रेल मार्ग ठप हो गया है।
हादसे के संबंध में रेल अधिकारियों का कहना है कि बारिश के दिनों में पहिए में नट-बोल्ट या तकनीकी खराबी आ जाती है। और ऐसे में हो सकता है कि इन कमियों से हादसा हुआ हो। वहीं एक और खबर आ रही है कि ट्रेन के ड्राइवर ने एमरजेंसी ब्रेक लगाया। जिससे ये हादसा हुआ है। इस हादसे के बाद पटरिया उखड़ गई हैं। फिलहाल राहत बचाव का काम किया जा रहा है।
कानपुर और इलाहाबाद से मेडिकल टीम भेजी जा चुकी हैं। रेल अधिकारियों के मुताबिक इस हादसे को देखते हुए कुछ ट्रेनों के रूट बदले जाएंगे। हादसे में मरने वाले लोगों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुर्इ है। मगर ऐसे में यह कहा जा रहा है कि मरने वालों की संख्या और गंभीर लोगों के भी संख्या में बढ़ोत्तरी हो सकती है।
इस हेल्पलाइन पर फोन कर ले जानकारी
कालका मेल के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना से पूरे देश में सनसनी फैल गई। आपको बता दें कि दो राजधानियों को जोड़ने वाली कालका मेल बहुत ही महत्वपूर्ण टीम है। चुकि इस ट्रेन में कई राज्यों के लोग सफर करते है इसलिये रेलवे प्रशासन ने हेल्पलाइन नम्बर जारी किया है जिसपर फोन कर हादसे के बारे में घायल लोगों के हाल लिये जा सकते हैं।
हेल्पलाइन नम्बर
कानपुर - 0512-2323105, 2323106
कोलकाता- 033-26413660
दो घंटे बाद भी नहीं पहुंची है राहत ट्रेन
रेलवे प्रशासन की उदासीनता हादसे के बाद खुलकर सामने आ गई। मलवा स्टेशन पर जहां हादसा हुआ उससे सिर्फ 60 किमी की दूरी पर कानपुर सेंट्रल स्टेशन है। मगर घटना के दो घंटे बाद भी बचाव ट्रेन नहीं पहुंच सकी। गांव वालों की मदद से घायलों को बाहर निकाला जा रहा है। ऐसे में एक और सूचना आ रही है कि बचाव कार्य के लिये सेना को भी बुलाया गया है।












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