नोएडा एक्सटेंशन का टेंशन, निवेशक परेशान

इस प्रोजक्ट में बन रहे मकानों में लाखों लोगों ने अपना पैसा लगाया है। कई लोगों ने डाउन पेमेंट करके एग्रीमेंट भी साइन कर दिया है। अब एग्रीमेंट के तहत बिल्डर इन निवेशकों से पैसे की अगली किश्त मांग रहे हैं। ऐसे में इन निवेशकों ने बैंकों का दरवाजा खटखटाया तो बैंकों ने लोन देने से मना कर दिया है।
इस प्रोजक्ट में फ्लैट खरीदने वाले नोएडा के ही एक कपूर बताते हैं कि उन्होंने 34 लाख का मकान खरीदा था। जिसके लिए 15 लाख रुपए पहले ही अदा किए जा चुके हैं। बाकी के बचे पैसे देने में परेशानी आ रही है क्योंकि बैंकों ने लोन देने से मना कर दिया है। उन्होंने कहा कि कई बैंकों से बात की जा चुकी है लेकिन बैंक कह रही है कि उस प्रोजक्ट पर तो सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है फिर लोन कैसे पास कर दिया जाए।
नोएडा एक्सटेंशन के इस प्रोजक्ट में 50 बिल्डर मिलकर काम कर रहे हैं। बिल्डरों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पूरे प्रोजक्ट का काम प्रभावित नहीं होगा। प्रोजक्ट के ज्यादातर हिस्से पूरे हो जाएंगे। बिल्डरों का कहना है कि जिस हिस्से को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस भेजा है उस पर विचार किया जा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने 156 हेक्टेयर पर चल रहे इस प्रोजक्ट को गलत करार दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने इसके लिए माया सरकार की भूमि अधिग्रहण की नीतियों को गलत करार देते हुए इसे आम जनता के खिलाफ करार दिया था। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने गलत तरीके से अधिग्रहित की गई जमीन को किसानों को वापस करने का आदेश भी दिया था।












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