यमुना का जलस्तर बढ़ा, दिल्ली पर बाढ़ का खतरा

हथनीकुंड बैराज के कंट्रोल रूम प्रवक्ता ने बताया कि पानी को लेकर हम स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। इसके साथ ही यमुना की सहायक नदी बाता का पानी भी यमुना में आ गया। इस वजह से यमुना में जलस्तर 18 हजार से बढ़ कर 1 लाख क्यूसिक हो गया है। नदी के कैचमेंट एरिया से मिली जानकारी के मुताबिक जलस्तर का बढऩा जारी है।
बाढ़ के खतरे के कारण हथनीकुंड बैराज से नहरों को पानी की सप्लाई रोक दी गई है। शिवालिक की पहाडिय़ों से निकलने वाली सोम, पथराला, उर्जनी नदियों व नागल ड्रेन में भी बाढ़ आ गई है। जैसे ही यमुना नदी का 70 हजार क्यूसिक पानी क्रास करता है, तो यमुना नहर बंद कर दी जाती है। सारा पानी नदी में ही छोड़ दिया जाता है। इतना ही नहीं नदी में स्थित हाइडल भी बंद कर दिए गए हैं। जब तक पानी का स्तर 70 हजार से कम नहीं हो जाता।
तब तक पानी नदी में ही छोड़ा जाएगा। हथनीकुंड में भले ही पानी का स्तर एक लाख क्यूसिक बना हो लेकिन आगे यह और ज्यादा हो सकता है। इसका कारण यमुना नदी में बिलासपुर से सोमनदी व चतंग नदी का पानी दादुपुर के पास मिलता है। इससे इस पानी को हथनीकुंड में रिकार्ड नहीं किया जाता। यमुना का यह जलस्तर पानीपत में रिकार्ड किया जाता है।












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