महेन्द्र सिंह टिकैत के बेटे नाम कुर्की वारंट

भारतीय किसान यूनियन एवं बालियान खाप के चौधरी महेन्द्र सिंह टिकैत की मौत 15 मई को हुई। अभी उनकी मौत को मात्र बीस दिन ही हुए हैं कि सरकार पर उनके खत्म होते दबदबे की आहट मिलने लगी। महेन्द्र सिंह की मौत के बाद मुजफ्फरनगर जिले की एक अदालत ने उनके बेटे यूनियन के नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष व बालियान खाप के वर्तमान मुखिया नरेश टिकैत की सम्पत्ति कुर्क करने का आदेश किया। ज्ञात हो कि पुलिस ने नरेश के खिलाफ 2003 में उनके खिलाफ मामला दर्ज कराया था।
वजह थी प्रदेश के राज्यमंत्री योगराज सिंह के दिवंगत पिता एवं राष्ट्रीय किसान मोर्चा के अध्यक्ष जगबीर सिंह द्वारा आयोजत एक पंचायत वर्ष 2003 में जिले के कस्बा सिसौली में आयोजित पंचायत का भाकियू ने जोरदार विरोध किया था। विरोध का जिम्मा था महेन्द्र सिंह टिकैत के बेटे नरेश टिकैत पर। इस दौरान नरेश व पुलिस के बीच झपड़ भी हुई लेकिन किसानों की अधिक संख्या के कारण पुलिस को अपने पैर पीछे खींचने पड़े थी।
मामले को लेकर बौखलाए तत्कालीन भौरांकला थाना प्रभारी एसएस चौधरी ने नरेश टिकैत व करीब 500 किसानों के खिलाफ मामला दर्ज कराते हुए कहा कि इन लोगों ने सरकारी कार्य में बाधा पहुंचायी। ज्ञात हो कि महेन्द्र सिंह टिकैत का दबदबा ही था कि बीते आठ वर्षों के दौरान न तो पुलिस सक्रिय हुई और नहीं प्रशासन ने ही कोई कदम उठाया।
टिकैत की मौत के साथ ही सबकुछ तेज गति से चलने लगा। मामले को लेकर न्यायिक मजिस्ट्रेट पी.के जयंत ने नरेश टिकैत के विरूद्ध कुर्की वारंट जारी किया। हालांकि वारंट जारी करने के बाद पुलिस की ही परेशानी बढ़ी क्योंकि नरेश के नाम पर कोई सम्पत्ति ही नहीं है। जो भी संपत्ति है वो उनके पिता स्व. महेन्द्र ङ्क्षसह टिकैत के नाम है।












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