हरियाणा में प्रिंसिपल, छात्र और छात्राओं पर चली लाठियां

लाठीचार्ज के विरोध में प्राध्यापकों व विद्यार्थियों ने पुलिस प्रशासन पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। गौरतलब है कि गर्ल्स व ब्वॉयज बहुतकनीकी कॉलेज के प्राध्यापक एआईसीटीई के वेतनमान लागू करने की मांग को लेकर गत तीन दिनों से प्रदेश भर में हड़ताल कर रहे हैं और उन्होंने आज सुबह 9 बजे से आरंभ होने वाली परीक्षाओं का भी बहिष्कार करने की घोषणा की थी।
नहीं हो सकी परीक्षा
इसी के तहत आज सुबह से ही दोनों बहुतकनीकी संस्थानों के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया। इसी दौरान जब विद्यार्थी परीक्षाएं देने के लिए संस्थान पहुंचे तो प्राध्यापकों ने उन्हें परीक्षाएं न दिए जाने की बात कही और घर वापिस भेजने लगे। यह देखकर मौके पर उपस्थित पुलिस कर्मचारियों ने अचानक प्राध्यापकों पर लाठियां भांजनी आरंभ कर दीं। इस अप्रत्याशित कार्रवाई से गुस्साए प्राध्यापकों ने भी आसपास रखे पत्थर उठाकर पुलिसकर्मियों पर फैंकने आरंभ कर दिए, जिस पर पुलिसकर्मियों ने प्राध्यापकों को वहां से दौड़ा दौड़ाकर पीटना आरंभ किया और सभी प्राध्यापकों को वहां से भगा दिया।
यह देखकर परीक्षाएं देने आए विद्यार्थियों ने पुलिसिया कार्रवाई का विरोध करने पर पुलिस ने लड़कियों पर भी लाठीचार्ज किया, जिससे रोषित विद्यार्थियों ने पुलिसिया कार्रवाई के विरोध व अपने शिक्षकों के समर्थन में आईटीआई चौक पर जाकर जाम लगा दिया। जाम खुलवाने के लिए एसडीएम रोशनलाल व डीएसपी पूर्णचंद पवार मौके पर पहुंचे और विद्यार्थियों को समझा बुझाकर जाम खुलवाया। पत्थरबाजी के विरोध में पुलिस ने 11 प्राध्यापकों पर मामला दर्ज किया है, जिनमें रविंद्र मलिक, अजयपाल, सुनील, कृष्ण, सुभाष पूनिया व राजेश को गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई
नहीं बुलाई लेडी पुलिस
संस्थानों में परीक्षाएं देने आई लड़कियों पर भी पुलिस कर्मियों ने लाठियां बरसाने से गुरेज नहीं किया। ऐसे में पुलिस की तानाशाही व मनमानी साफ जाहिर होती है। नियमानुसार ऐसे मौकों पर लेडी पुलिस का होना जरूरी है और उनके द्वारा ही कार्रवाई की जानी चाहिए, लेकिन आज सुबह करीब डेढ़ घंटे तक हुई इस घटना दौरान डीएसपी ने लेडी पुलिस को बुलाने की जहमत तक नहीं उठाई।
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लाठीचार्ज की चहुंओर हुई आलोचना
बहुतकनीकी शिक्षकों पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज की पूरे जिले में विभिन्न संस्थाओं व संगठनों ने घोर निंदा की। हरियाणा कर्मचारी महासंघ के प्रदेश सचिव विजय पाल जाखड़, हरियाणा स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड वर्करस यूनियन के प्रदेश सलाहकार केके मोंगा व युनिट प्रधान राज मन्दिर शर्मा तथा हरियाणा राजकीय अध्यापक संघ के प्रांतीय प्रवक्ता गुरदीप सैनी ने कहा कि ऐसी दमनकारी नीतियों से सरकार व पुलिस आंदोलन को दबा नहीं सकेगी।
तीनों यूनियनों द्वारा पीडि़त शिक्षकों की मांगों को जायज मानते हुए उन्हें अपना समर्थन दिया तथा किसी भी आंदोलन में उनके साथ खड़े होने की बात कही। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन जिले में बढ़ रही हत्या, लूटपाट, गोलीबारी जैसे मामलों के आरोपियों को पकडऩे में तो विफल साबित होती है, इसलिए अपनी खीझ निकालने के लिए वे शांतिपूर्वक आंदोलन कर रहे लोगों पर लाठीचार्ज कर भड़ास निकाल रही है, जिससे ऐसे आंदोलन शांत होने के बजाय और भड़केंगे और जिसे रोक पाना पुलिस व सरकार के बस में नहीं रहेगा। उन्होंने चेतावनी भरे शब्दों में कहा कि प्रशासन कर्मचारी वर्ग को संरक्षण देने की बजाय आंदोलन के लिए उक्सा रही है, जिसके गंभीर परिणाम प्रशासन को भुगतने पड़ सकते हैं।












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