राहुल गांधी के धरने की न्यायिक जांच नहीं होगी
लखनऊ।
गुपचुप ढंग से भटटा पारसौल पहुंचकर धरने पर बैठे कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी की मामले की जांच की मांग को प्रदेश के कृषि मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण ने सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि भट्टा पारसौल मामले की न्यायिक जांच कराने की कोई आवश्यकता नहीं है। श्री नारायण का कहना था कि प्रशासन की ओर से कोई गलती नहीं की गयी है वह सही कार्य कर रहा है और जांच का कोई औचित्य नहीं बनता है। id="toptextpromo">उन्होंने
कहा कि कांग्रेस महासिचव राहुल गांधी को वहां की वास्तविक स्थिति की जानकारी नहीं है किसानों की मांगों को पहले ही पूरा किया जा चुकाहै। इसके साथ ही सरकार की किसानों से बात भी हो चुकी है ऐसे में जांच की बात करना बेकार है। किसाना नेता मनवीर ङ्क्षसह तेवतिया की गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये के ईनाम की बात पर उनका कहना था कि तेवतिया अपराधी किस्म का व्यक्ति और उस पर डेढ़ दर्जन मुकदमें पहले से ही हैं। id='are-slot-1' class='oiad oi-axt oiadv'> id='top-searched-articles'>ऐसे
में पुलिस को जो सही लगा उसने किया। सूत्रों की माने तो भटटा पारसौल में किसानों के साथ धरने पर बैठे राहुल गांधी बुधवार की रात गांव में ही निवास करेंगे। दूसरी ओर कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल, उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी व आगरा के सांसद राज बब्बर ने गांव का दौरा किया। क्षेत्रीय किसानों का कहना था कि यदि सरकार मानती है कि क्षेत्र में किसी प्रकार की ज्यादती नहीं की गयी तो वह न्यायिक जांच से क्यों कतरा रही है।











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