सत्ताधारी 'माननीय' ही बने जान के दुश्मन

हत्या, अपहरण व बलात्कार जैसे कई जघन्य अपराधों में लिप्त इन राजनेताओं की फेहरिस्त काफी ल बी है। इसमें लगभग सभी दलों के विधायकों के नाम शामिल है। मौजूदा समय में बहुजन समाज पार्टी के नेताओं के नाम इन मामलों में तेजी से उभर रहे हैं। इनमें सबसे खास हैं फैजाबाद के विधायक आनन्द सेन, जिन पर अपहरण व बलात्कार का मामला दर्ज है। शशि अपहरण कांड को अंजाम देने वाले यह विधायक जेल में बंद हैं। वर्ष 2007 में विधि स्नातक की छात्रा शशि का अपहरण व हत्या का आरोप इन पर लगा है।
अभी तक इस मामले में शशि के परिजनों को न्याय नहीं मिल सका। वहीं बुंलदशहर के बसपा विधायक भगवान शर्मा उर्फ गुड्डु पंडित भी बलात्कार व हत्या सहित तमाम अपराधों से घिरे हैं। पंचायत चुनाव के दौरान दबंगई व बीडीसी सदस्यों का अपहरण का मुकदमा भी इन पर दर्ज हो चुका है। शीलू निषाद केस भी पिछले साल काफी सुर्खियों में रहा। इसमें बांदा से बसपा विधायक पुरूषोत्तम दास द्घिवेदी का नाम प्रमुख है।
शीलू निषाद नाम की लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार के बाद लड़की को ही चोरी के मामले में फंसाकर इन्होंने जेल भिजवा दिया। बाद में खुलासा होने पर इन्हें विधायकी छोड़ जेल की हवा खानी पड़ी। यह मामला भी अभी न्याय के इंतजार में है। चंदौली से बसपा विधायक सुशील कुमार सिंह के भी हाथ हत्या व अन्य आपराधिक घटनाओं से सने हैं। इन पर कोयला व्यवसायी गजेन्द्र सिंह की हत्या व अन्य धाराओं में एक दर्जन के करीब मुकदमें दर्ज हैं।
बिजनौर से बसपा विधायक शहनवाज राना हत्या के प्रयास, बलात्कार व अन्य मामलों में आरोपी हैं। माफिया धनंजय सिंह भी बसपा के दम पर राजनेता बने हैं। इन पर पूर्व स्वास्थ्य महानिदेशक बच्चालाल की हत्या सहित कई आरोप हैं। बसपा विधायक संजीव द्घिवेदी उर्फ द्घिवेदी जेलर आरके तिवारी की हत्या के आरोपी हैं। बसपा से माननीय बने जितेन्द्र सिंह 'बबलू' का नाम भी बलवा व अपहरण में प्रमुख है।
इन पर कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी के घर में घुसकर उपद्रव करने व आगजनी करने का आरोप है। वहीं इंतिजार आब्दी 'बॉबी' का भी नाम रीता जोशी का घर जलाने में रहा है। फिलहाल बॉबी जेल से बाहर हैं। सुल्तानपुर से बसपा विधायक चंदभ्रद सिंह उर्फ सोनू सिंह भी संत ज्ञानेश्वरी की हत्या के आरोपी है। मुरादाबाद से बसपा विधायक उस्मानुल हक भी हत्या व अपहरण के मामले में जेल में बंद हैं।
मुख्तार अंसारी व अभय सिंह जैसे माफिया अभी भी जेल में जिन पर ढेरों आरोप लगे हैं पीडि़त न्याय के लिए कोर्ट के फैसले का इंतजार कर रहे हैं लेकिन कानूनी कमियों का लाभ उठाने वाले ये माननीय एक फिर विधान सभा जाने की तैयारी कर रहे हैं। अभय सिंह को तो समाजवार्दी पार्टी ने अपना उम्मीदवार घोषित भी कर दिया है।












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