मुजफ्फरनगर में फैला अनजाने काले साये का भय

हालांकि जिला प्रशासन के अधिकारियों ने दो रातें गांव में बिताने के बाद कहा कि यह कार्र्य गांव के ही किसी शरारती तत्व है लेकिन ग्रामीण भूत प्रेत व आत्मा का कार्य मान रहे हैं। दुनिया भले ही कितनी तरक्की कर ले लेकिन बीच-बीच में कुछ ऐसी घटनाएं होती है जो लोगों को भूत प्रेत व आत्मा की दहशत से ऊबरने नहीं देती। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के रौनीहजीपुर गांव में पिछले 15 दिनों से कुछ ऐसा ही नजारा है।
गांव के लोग रात के वक्त सोने की बजाय गांव में पहरेदारी करते दिखायी देते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि एक अनजाना साया गांव में घूम रहा है जो रात के अंधेरे में लड़कियों के बाल काट देता है। ग्रामीण बताते हैं कि साया सिर्फ लड़कियों को ही अपना शिकार बनाता है। रात के अंधेरे में जो भी अकेली लड़की दिख जाती है साया उस पर हमला कर देता है और कुछ छड़ों में लड़की के बाद गायब हो जाते हैं।
पिछले दिनों गांव की एक पन्द्रह वर्षीय लड़की अंजलि के साथ ही ऐसा हादसा हुआ। अंजलि का कहना है कि वह छत पर सो रही थी उसी वक्त किसी ने आकर पीछे से उसकी गर्दन पकड़ ली। गर्दन पर साये की पकड़ इतनी कड़ी थी कि अंजलि शोर भी नहीं मचा सकी। साये ने अंजलि के बाल काटे और उसे जोर से जमीन पर पटक दिया। देखते ही देखते साया दो मंजिल के ऊपर से नीचे कूद गया। जब अंजलि ने शोर मचाया तो लोगों आकर देखा अंजलि के बाल कटे हुए थे। गांव में काले साये का कहर दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है।
लगातार होती घटनाओं की वजह से ग्रामीण शाम ढलते ही घरों को आ जाते हैं कुछ लोग झुण्ड बनाकर गांव में पहरा देते हैं। गांव के लोगों का कहना है कि एक बार उन्होंने साये पर गोलियां चलायी लेकिन उस पर गोलियों का असर नहीं हुआ। मामला पुलिस के पास पहुंचा तो तहसीलदार व पुलिस दरोगा स्वयं मौके पर गए और रात भर गांव पहरा दिया लेकिन उनके हाथ कुछ न लगा। तहसीलदार सुरेन्द्र सिंह ने कहा कि यह कार्य किसी गांव के शरारती तत्व है लेकिन गांव वाले इस भूत व आत्मा का कार्य मान रहे हैं। हालात इस कदर खराब हो चुके हैं कि लोगों ने शाम के वक्त घर से निकलना बंद कर दिया है जबकि स्कूल आदि भी बंद हो गए हैं। लोगों ने जिला प्रशासन के आला अधिकारियों से गुहार लगायी है कि उन्हें इस समस्या से निजात दिलायी जाए।












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