'मायावती की फिजूलखर्ची से कर्ज से लदा उत्तर प्रदेश'

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुबोध श्रीवास्तव ने बहुजन समाज पार्टी सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए प्रकाशित आंकड़ो का हवाला देते हुए कहा कि प्रदेश की नई जनगणना के अनुसार राज्य की जनसंख्या 20 करोड़ हो गयी है और यदि इसे ही आधार मानकर प्रति व्यक्ति कर्ज के बोझ का हिसाब लगाया जाये तो वर्ष 2011-12 में यह लगभग 12226 रूपये होगा जबकि पिछले वर्ष 2010-11 में यही आंकडा लगभग 9438 रूपये का था।
उनका कहना है कि अर्थशास्त्र के अनुसार कर्ज राज्य के जीडीपी के 22 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए जबकि विगत भाजपा, सपा और बसपा के शासनकाल की सरकारों के कार्यकाल में कर्ज 32 प्रतिशत से अधिक रहा है।
श्री श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि यह सरकार वित्तीय अनुशासन के उल्लंघन की तो दोषी है। साथ ही कर्ज की राशि की फिजूलखर्ची भी की गई और अनुत्पादक कार्यो में इसे खर्च किया गया है। उन्होंने कहा कि बहुजन समाज पार्टी के शासनकाल में तो फिजूलखर्ची और सरकारी धन का अपव्यय सारी सीमाएं लांघ गया है और पार्को. स्मारकों और मूर्तियों जैसे अनुत्पादक कार्यो में पानी की तरह पैसा बहाकर जनता के सिर पर कर्र्ज का बोझ लाद दिया गया है।












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