अन्ना हजारे ने सोनिया गांधी को खत लिखा

अन्ना हजारे ने कहा, "ऐसा लगता है कि सारे भ्रष्ट लोग भ्रष्टाचार निरोधी प्रभावी कानून तैयार करने की प्रक्रिया को पटरी से उतारने के लिए एकजुट हो गए हैं। अन्ना हजारे ने सोनिया गांधी को यह पत्र ऐसे समय में लिखा है, जब लोकपाल विधेयक तैयार करने के लिए गठित समिति के सह अध्यक्ष शांति भूषण, सपा के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव और सपा के पूर्व नेता अमर सिंह के बीच हुई टेलीफोन वार्ता की एक सीडी को लेकर विवाद पैदा हो गया है। सीडी एक न्यायाधीश को प्रभावित करने की कोशिश के बारे में बताई जा रही है।''
अन्ना हजारे ने पत्र में कहा है, "सभी भ्रष्ट लोगों की एक ही रणनीति है कि समिति में शामिल सामाजिक कार्यकर्ताओं की छवि खराब की जाए। मैं इस सोच का हूं कि जनता के लिए काम करने वाले लोगों को सार्वजनिक जांच के दायरे में होना चाहिए, लेकिन जब खुलेआम झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं, नकली सीडी तैयार की जा रही है, तो कोई भी यह महसूस कर सकता है कि यह ईमानदार सार्वजनिक जांच का मकसद नहीं है, बल्कि मकसद छवि खराब करने का है।"
अन्ना हजारे ने कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह द्वारा की गई टिप्पणियों का भी पत्र में जिक्र किया है, और पूछा है कि क्या सोनिया गांधी ने उनकी टिप्पणियों को निजी तौर पर मंजूरी दी है। अन्ना हजारे ने लिखा है, "कांग्रेस पार्टी का एक महासचिव पिछले एक सप्ताह से प्रेस में बयान दे रहा है। मुझे लगता है कि उसे इस तरह की टिप्पणियों के लिए पार्टी से समर्थन प्राप्त है। क्या आप निजी तौर पर उनके बयानों को मंजूर करती हैं?"
उल्लेखनीय है कि दिग्विजय सिंह ने रविवार को टेलीविजन पर एक चर्चा में हिस्सा लेते हुए कहा था कि अन्ना हजारे एक मंडली से घिरे हुए हैं और गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा कर उन्होंने गलती की है।












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