जनगणना का सिर्फ एक संदेश- बेटी बचाओ
यहां हम सिर्फ पंजाब की ही नहीं बल्कि सभी राज्यों की करेंगे। जनसंख्या के ये आंकड़े चिंता बढ़ाते हैं तो इस बात की कि देश का लिंगानुपात (सेक्स रेशियो) 914 है, यानी 1000 लड़कों पर 914 लड़कियां हैं। यह अनुपात और कम ना हो जाए इसके लिए सबसे जरूरी है सिर्फ एक बात- बेटी बचाओ। जी हां कन्या भ्रूण हत्या रोकने में अभी भी हमारा देश काफी पीछे हैं। यही कारण है कि यहां दिन पर दिन लड़कियों की संख्या घटती जा रही है।
यदि उत्तर भारत की बात करें उत्तर प्रदेश में परिणाम काफी अच्छे मिले हैं। यहां पर बेटियों की संख्या 898 से बढ़ कर 908 तो जम्मू-कश्मीर में सेक्स 859 है। हरियाणा (830) और पंजाब (846) की स्थिति और भी ज्यारा खराब है। हरियाणा के अलावा एक भी राज्य में सेक्स रेशियो 900 से ऊपर नहीं है। वहीं चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, तमिलनाडु, मिजोरम और अंडमान निकोबार के सेक्स रेशियों में बढ़ौत्तरी हुई है।
वहीं केरल और पोंडिचेरी में अनुपात गिरा है। 2001 की तुलना में महाराष्ट्र में लिंग अनुपात में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज हुई है। पूर्वोत्तर राज्यों में स्थिति में काफी सुधार देखा गया है। यानी मिजोरम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश तीनों जगह बेटियों की संख्या में इजाफा हुआ है। कुल मिलाकर देखा जाए तो पिछले तीस साल देश की बेटियों के लिए काफी क्रूर साबित हुए।













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