हाई कोर्ट के आदेश दरकिनार, जाटों का आंदोलन जारी

Jat Protest on railway track
लखनऊ/हिसार। एक तरफ इलाहाबाद व हरियाणा-पंजाब हाई कोर्ट और दूसरी तरफ जाट। जी हां स्थिति कुछ ऐसी ही है, क्‍योंकि आरक्षण के लिए शुरू हुई जंग में जाटों ने ऐलान कर दिया है कि वो अब किसी भी आदेश को नहीं मानेंगे। हरियाणा और उत्‍तर प्रदेश दोनों राज्‍यों में जाटों ने अपना आंदोलन जारी रखने का ऐलान कर दिया है।

इलाहाबाद हाई कोर्ट के कड़े रुख के बावजूद जाटों ने पांच फीसदी आरक्षण की मांग को लेकर अपना आंदोलन जारी रखने की घोषणा की है। हाई कोर्ट ने कल अपने आदेश में केन्द्र और राज्य सरकार को कडा निर्देश देते हुए कहा था, कि रेल या सड़क मार्ग जाम करने वालों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई की जाये। जाट आरक्षण संघर्ष समिति के बैनर तले पिछले पांच मार्च से चल रहे आंदोलन के तहत आज दिल्ली की आेर जाने वाले कुछ रास्तों को जाम करने की संभावना है।

समिति ने बैठे अपने कार्यकर्ता विजय सिंह की कल हुअी मृत्यु को लेकर काफी आक्रोश जताया है। इस बीच केन्द्र और राज्य सरकार ने आंदोलन को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक प्रबंध करने का दावा किया है। बीएसएनएल और अन्य मोबाइल कंपनियों के टावरों पर भी सुरक्षाकर्मी तैनात किये जा रहे हैं।

उधर हरियाणा में बुधवार की रात को भूख हड़ताल पर बैठे जिस प्रदर्शनकारी की मौत हो गई थी, उसका अंतिम संस्‍कार गुरुवार की शाम को कर दिया गया। दाह संस्‍कार के तुरंत बाद जाट आंदोलन समिति ने एक बैठक की, जिसमें हरियाणा के प्रदेश अध्‍यक्ष हवा सिंह सांगवान ने कहा कि अभी तक हाईकोर्ट का लिखित आदेश उन्‍हें नहीं मिला है, लिहाजा रेलवे ट्रैक पर प्रदर्शन जारी रहेगा। सांगवान ने ऐलान किया कि अब चाहे हाई कोर्ट आये चाहे कोई, रेलवे ट्रैक से वो आरक्षण लेने के बाद ही हटेंगे।

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