टैक्‍स चोर हसन अली के सिर पर कांग्रेसियों का हाथ?

मुंबई। देश के सबसे बड़े टैक्‍स चोर हसन अली की जेब में तमाम राजनेता रहते हैं। इस खबर से आप चौंक जरूर गए होंगे और सोच रहे होंगे कि आखिर वे कौन से नेता हैं। हम यहां पर उन नेताओं का नाम भले ही बताने नहीं जा रहे हैं, लेकिन यह खबर कांग्रेस पार्टी की ओर इशारा जरूर करती है। खबर आयी है कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से पूछताछ में हसन अली ने महाराष्‍ट्र के तीन पूर्व मुख्‍यंत्रियों का नाम लिया है, जिसके बाद से राजनीतिक गलियारे में हड़कंप मच गया है।

ईडी से प्राप्‍त जानकारी के मुताबिक हसन अली ने खुद बताया है कि स्विस बैंक व अन्‍य विदेशी बैंकों में उसके अकाउंट में जमा करीब 36 हजार करोड़ रुपए में से काफी भारी रकम कई बड़े नेताओं और अधिकारियों की है। इन नेताओं में महाराष्‍ट्र के तीन पूर्व मुख्‍यमंत्री भी शामिल हैं। जब तक की जांच में पता चला है कि हसन अली, स्टॉक मार्केट के कुछ कारोबारियों की मदद से अपना ही बैंकिंग नेटवर्क चला रहा था, जिसके जरिए वो नेताओं के काले धन को सफेद में बदलने का काम करता था।

बात अगर नेताओं की आयी है तो हम आपको बता दें कि 2007 में हसन अली के सहयोगी काशीनाथ तापडि़या ने खुद ईडी को बताया था कि 1990 के दशक में उसे हसन अली से मिलवाने वाले और कोई नहीं बल्कि कांग्रेस के नेता थे। अब वे नेता कौन हैं, इसका खुलासा अभी तक नहीं हुआ है। यही नहीं ईडी की रिपोर्ट के मुताबिक नेताओं में अगर महाराष्‍ट्र के तीन पूर्व मुख्‍यमंत्रियों के नाम भी शामिल हैं, तो भी सीधा इशारा कांग्रेस की ओर ही जाता है, क्‍योंकि 1999 से अब तक महाराष्‍ट्र में कांग्रेस की ही सरकार है। सबसे ज्‍यादा खास बात यही है कि 1999 से ही हसन अली ने आई-टी रिटर्न नहीं भरे हैं।

ईडी की पूछताछ में अगर अधिकारियों के नाम आ रहे हैं, तो उनमें भी सबसे ज्‍यादा आयकर अधिकारियों के नाम होने की आशंका है, क्‍योंकि अगर हसन अली ने 1999 से आई-टी रिटर्न नहीं भरा तो अधिकारियों ने उसके खिलाफ ऐक्‍शन क्‍यों नहीं लिया।

ईडी के मुताबिक हसन अली ने स्विस बैंक में 1982 में अपना अकाउंट 15 लाख डॉलर से खोला था। उसके बाद मात्र दो साल में उसने 24 करोड़ डॉलर उसमें जमा कर दिये। यही नहीं दिसंबर 2006 तक उसके अकाउंट में 800 करोड़ डॉलर जमा हो गये। आयकर विभाग को इन सभी की जानकारी थी, जिसके चलते उसने 40,000 करोड़ रुपए टैक्‍स बकाया का नोटिस 2008 में भेजा था। इसके बावजूद अधिकारियों के हाथ अली के गिरेबान तक नहीं पहुंचे। जाहिर है इसकी वजह हसन अली का नेताओं और बड़े अधिकारियों के साथ उठना-बैठना था।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+