उत्तर प्रदेश : तीसरे दिन भी सपा नेताओं पर बरसीं लाठियां
जहां सपा कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को गोरखपुर में आम्रपाली एक्सप्रेस ट्रेन को रोक दिया था और सुलतानपुर में एक सरकारी प्राथमिक स्कूल में ताला लगा दिया था। वहीं लखनऊ में बुधवार सुबह अखिलेश यादव की गिरफ्तारी का विरोध करने पर पुलिस ने सपा नेताओं पर जमकर लाठियां भांजी। इस के आलावा पिछले दो दिनों से लगातार सपा नेताओं पर लाठी बरसाई जा रही हैं।
फर्रूखाबाद में भोलापुर बिजली केन्द्र पर भी ताला लगा दिया। सरकारी काम के बाधा डालने को लेकर पुलिस ने सपा कार्यकर्ताओं पर बिजनौर, गोरखपुर, बरेली, सुलतानपुर और फर्रूखाबाद में लाठीचार्ज किया। आन्दोलन के दौरान कम से कम पांच सौ सपा कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया। आन्दोलन के पहले दिन आठ सांसद और विधानसभा में विपक्ष के नेता शिवपाल सिंह यादव समेत दो हजार से ज्यादा कार्यकर्ताओं को गिरतार किया गया था।
राज्य के विशेष पुलिस महानिदेशक, कानून व्यवस्थाबृजलाल ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि सभी महत्वपूर्ण स्थानों पर सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था की गयी है और अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों से सख्ती से निपटा जाये।
राजधानी लखनऊ में दलित महापुरूषों के नाम पर बने स्मारक और पार्क की सुरक्षा के लिये विशेष सुरक्षा पुलिस के अलावा रैपिड एक्शन फोर्स को भी तैनात किया गया है। उन्होंनें कहा कि गिरफ्तारी की ऐहतियातन कार्रवाई इलाहाबाद उच्च न्यायालय के दिशा निर्देश के आधार पर की गयी है जिसमें कहा गया है कि हिंसा और आगजनी की आशंका होने पर पुलिस पहले ही गिरतारी की कार्रवाई कर सकती है।
वहीं इस बीच केन्द्र सरकार ने सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव के आवास की बैरिकेटिंग किये जाने और उनके पुत्र अखिलेश यादव को घर में नजरबंद किये जाने पर राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। श्री यादव और श्री अखिलेश यादव ने लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार को फैक्स भेजकर घर में नजरबंद किये जाने की जानकारी तथा राज्य सरकार के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया था। हालांकि जिला प्रशासन ने सपा अध्यक्ष को नजरबंद किये जाने की घटना से इनकार किया था।













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