गद्दाफ़ी समर्थकों ने किए हमले

गद्दाफ़ी समर्थकों ने किए हमले

गद्दाफ़ी समर्थकों की ओर से गोलीबारी और हिंसा की सबसे अधिक घटनाएं ज़ाविया इलाके में हुई हैं.

लीबिया में कर्नल गद्दाफ़ी के समर्थकों ने सरकार के नियंत्रण क्षेत्र का दायरा बढ़ाने के लिए राजधानी त्रिपोली के आसपास के इलाकों में घातक हमले किए हैं.

गोलीबारी और हिंसा की सबसे अधिक घटनाएं ज़ाविया इलाके में हुई हैं.

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक एक मस्जिद में जमा प्रदर्शनकारियों पर घातक हथियारों का इस्तेमाल किया गया. इस हमले में कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई.

लीबिया के पूर्वी हिस्से में स्थित मिसुराता शहर के एक हवाई अड्डे पर नियंत्रण के लिए भी हिंसा का इस्तेमाल किया गया.

शहर के एक डॉक्टर ने बीबीसी से बातचीत में बताया कि उनके अस्पताल में 70 से ज़्यादा घायल आए हैं. एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक कर्नल गद्दाफ़ी के समर्थकों को शहर से बाहर खदेड़ दिया गया.

शुक्रवार को जेनेवा में संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार परिषद लीबिया संकट पर एक आपात बैठक कर रही है.

अब तक इस संकट की स्थिति से निपटने में नाकाम रहने को लेकर मानवाधिकार परिषद की निंदा होती रही है. राजनीतिक दबाव और पक्षपात को लेकर भी मानवाधिकार परिषद पर उंगलियां उठी हैं.

इस बीच अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने ब्रिटेन, फ्रांस और इटली के नेताओं से अपील की है कि वो साथ आएं और लीबिया में पैदा हुए संकट से निपटने का तरीका खोजें.

'व्हाइट हाउस' ने राष्ट्रपति ओबामा के हवाले से बताया है कि उन्होंने लीबिया के संकट से निपटने के लिए कई क़दम सुझाए हैं जिनमें मानवाधिकारों की सुरक्षा की कोशिश भी शामिल है.

माना जा रहा है कि अमरीकी सेना भी इस संबंध में ओबामा को एक मसौदा पेश करेगी.

लीबिया में फंसे हज़ारों विदेशी नागरिकों को निकालने के कई देशों ने अपने जहाज़ रवाना कर दिए हैं.

तुर्की अब तक इन जहाज़ों की मदद से सात हज़ार से ज़्यादा लोगों को निकाल चुका है. अमरीका का एक जहाज़ ख़राब मौसम की वजह से त्रिपोली में ही फंसा है.

लीबिया से निकाले जा रहे ये लोग फिलहाल मिस्र में जमा हैं. बीबीसी के एक संवाददाता के मुताबिक मिस्र की सीमा पर फिलहाल हज़ारों लोग जमा हैं और सीमा पार कर रहे लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है.

इससे पहले स्विट्ज़रलैंड ने घोषणा की है कि वो कर्नल गद्दाफ़ी या उनके सहयोगियों की संपत्ति को फ़्रीज़ कर रहा है.

स्विस विदेश मंत्रालय के बयान के मुताबिक ये क़दम तुरंत प्रभाव से उठाया जा रहा है. बयान में कहा है कि लीबिया में लोगों के ख़िलाफ़ हुई हिंसा को देखते हुए ये क़दम उचित है.

हिंसा की निंदा करते हुए स्विट्ज़रलैंड ने कहा कि वो नहीं चाहता कि जो पैसा लीबिया के लोगों का है उसका दुरुपयोग हो.

स्विस नेशनल बैंक के अनुमान के मुताबिक इस समय स्विट्ज़रलैंड में करीब 60 करोड़ डॉलर मूल्य की लीबियाई संपत्ति होगी.

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+