रेल बजट(प्रतिक्रियाएं): 'बंगाल ही बंगाल, बाकी देश कंगाल'
लोकसभा में भाजपा के उपनेता गोपीनाथ मुंडे ने रेल बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "पश्चिम बंगाल में चुनाव हैं, इसलिए रेल बजट में सिर्फ वादे ही वादे हैं। घोषणाएं ज्यादा और अमल कम है। इस बजट में सारा देश कंगाल है, सिर्फ बंगाल ही बंगाल है।"
उन्होंने कहा, "इस बजट में पिछली घोषणाओं का जिक्र नहीं किया गया है। रेल मंत्री को पिछली घोषणाओं को लेखा-जोखा देना चाहिए। पिछले पांच साल में रेलवे के मुनाफे का जो सपना दिखाया गया था वह गलत साबित हुआ है। बजट में बाजार से 10,000 करोड़ रुपये लेने की बात कही गई है, इसका मतलब ये हैं कि कर्ज लेकर सरकार घी पियेगी।"
भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा, "इस बजट से राहत तो दूर मायूसी ही मायूसी हाथ आई है। बंगाल में राईटर्स बिल्डिंग के लिए छुपी हुई रेल लाइन बिछाने की कोशिश की गई है।"
उन्होंने कहा, "बिहार आज भी उपेक्षित है। बजट से बिहार को निराशा हुई है। सांसदों ने जो गुस्सा दिखाया वह वाजिब था।"
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के नेता डी. राजा ने बजट से निराशा जाहिर करते हुए कहा, "वर्तमान योजनाओं पर रेल मंत्री ने कुछ नहीं कहा। रेल पटरियों और सुरक्षा पर कोई ध्यान नहीं है। वित्तीय संसाधनों पर कुछ नहीं किया गया।"
जनता दल (युनाइटेड) के राजीव रंजन सिंह ऊर्फ लल्लन सिंह ने कहा, "बिहार को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है। हमें घोर आपत्ति है। हम पश्चिम बंगाल के खिलाफ नहीं हैं लेकिन हमारे राज्य की दर्जनों योजनाएं लम्बित पड़ी हैं। इस बारे में रेल मंत्री चुप रहीं। यह पूरी तरह बंगाल का बजट है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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