लीबिया में फंसे हैं 5000 नेपाली नागरिक

काठमांडू, 25 फरवरी (आईएएनएस)। मध्य पूर्व और उत्तर-पूर्वी अफ्रीका में काम के सिलसिले में गए लाखों नेपाली नागरिक वहां बढ़ रही सरकार विरोधी हिंसा से डरे-सहमे हैं। हिंसाग्रस्त हालात से निकलकर वे अपने देश सुरक्षित लौटना चाहते हैं, लेकिन इसमें उन्हें दिक्कतें पेश आ रही हैं।

मिस्र, बहरीन, यमन और लीबिया में कार्यरत हजारों नेपाली नागरिकों द्वारा विदेशों से भेजा जाने वाला पैसा नेपाल की कमजोर अर्थव्यस्था के लिए बेहद अहम है। इन देशों में बढ़ रही हिंसा को देखते हुए वहां काम करने वाले लाखों नेपाली मजदूरों को अपनी नौकरी खोने और यहां तक कि जान गंवाने का भी अंदेशा है।

लीबिया में करीब 5,000 नेपाली कामगार हैं, जिनमें से करीब 1,000 अकेले वहां की राजधानी त्रिपोली में हैं। लीबिया में फंसे सभी नेपाली नागरिक पल-पल अपनी जान को खतरे की आशंका में जी रहे हैं। वहां सुरक्षा बलों के साथ झड़प में अब तक 1,000 लोगों की मौत हो चुकी है।

नेपाल के मानवाधिकार संगठन की एक रिपोर्ट के अनुसार विदेशों में रह रहे लोगों के परिवारों ने हिंसाग्रस्त उत्तरी अफ्रीका के देश से उनकी सुरक्षित स्वदेश वापसी की गुहार लगाई है। अपनी मांगों को लेकर उन्होंने काठमांडू में विदेश मंत्रालय के बाहर प्रदर्शन भी किया और आरोप लगाया कि सरकार विदेशों में रह रहे नेपाली नागरिकों की सुरक्षा के प्रति उदासीन है।

नेपाल की आधिकारिक मीडिया ने शुक्रवार को कहा कि 562 नेपाली कामगार लीबिया से निकलकर मिस्र की सीमा तक पहुंच गए हैं। नेपाल सरकार ने मिस्र से उन्हें भोजन, सुरक्षा और आवास की सुविधा देने का आग्रह किया है।

एक अनुमान के मुताबिक बहरीन में 40,000 से अधिक नेपाली नागरिक काम करते हैं। वहां बढ़ रही अस्थिरता से वे भी नेपाल लौटने को लेकर आशंकित हैं। काठमांडू में मजदूरों की भर्ती करने वाली एजेंसियों ने कहा कि वे स्थिति पर नजर बनाए हैं।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+