आंध्र विधानसभा में तेलंगाना पर गतिरोध जारी
तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के सदस्यों और तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के तेलंगाना क्षेत्र के विधायकों के नारे लगाने और विधानसभा अध्यक्ष के मंच की ओर बढ़ने से सदन में कोई काम नहीं हो सका।
टीआरएस और तेदेपा द्वारा लाए गए स्थगन प्रस्तावों को अस्वीकृत करते हुए सदन के उपाध्यक्ष नादेन्दला ने शोरशराबे के बीच कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित कर दी। जब कार्यवाही दोबारा शुरू की गई तब भी गतिरोध की स्थिति रही और उपाध्यक्ष को दोबारा आधे घंटे के लिए कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
सत्तारूढ़ कांग्रेस को विधानसभा में और भी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है क्योंकि उसके तेलंगाना क्षेत्र के विधायकों की भी विरोध प्रदर्शनों में शामिल होने की योजना है। उन्होंने विधानसभा परिसर में ही स्थित कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) के कार्यालय में अपनी आगे की रणनीति तय करने के लिए एक बैठक शुरू की।
कांग्रेस विधायकों के एक वर्ग ने गुरुवार को इस बात के संकेत दिए थे कि वे पार्टी के सांसदों का अनुसरण करते हुए विधानसभा में तेलंगाना प्रस्ताव लाए जाने की मांग उठाएंगे।
टीआरएस, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और तेदेपा के तेलंगाना क्षेत्र के विधायक 17 फरवरी को बजट सत्र की शुरुआत से ही विधानसभा की कार्यवाही में रुकावट पैदा कर रहे हैं।
बजट सत्र के पहले दिन ही दोनों सदनों के संयुक्त सत्र में राज्यपाल ई.एस.एल. नरसिम्हन के अभिभाषण के दौरान नियम विरोधी व्यवहार करने पर टीआरएस के तीन और तेदेपा के दो विधायकों को एक सप्ताह के लिए विधानसभा से निलम्बित कर दिया गया था।
सदन की कार्यवाही में व्यवधान पहुंचाने पर बुधवार को टीआरएस, भाकपा और भाजपा के 12 विधायकों को निलम्बित किया गया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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