रेल बजट: रेल मंत्री ने कहा 'हम आह भी भरते हैं...'
रेल मंत्री ने कहा कि रेलवे के कर्मचारी साल भर चौबीसों घंटे काम करते हैं जिसके बारे में कोई उनकी तारीफ नहीं करता लेकिन दुर्घटनाएं होने पर रेलवे की बदनामी ही बदनामी होती है।
बनर्जी ने शायराना अंदाज में इस दर्द को बयान करते हुए कहा, "हम आह भी भरते हैं तो हो जाते हैं बदनाम, वो कत्ल भी करते हैं तो चर्चा नहीं होती।"
रेलवे में मौजूद रिक्त पदों को भरने की घोषणा करते हुए बनर्जी ने नौजवानों को रोजगार दिलाने की अपनी इच्छा को कुछ इस तरह व्यक्त किया, "कोई सिख, कोई जाट, मराठा, कोई गुरखा कोई मद्रासी, सरहद पर मरने वाला हर वीर था भारतवासी।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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