डीएम की रिहाई की उम्मीदें बढ़ी, नक्सलियों से वार्ता जारी

सेवानिवृत प्रोफेसर हरगोपाल ने हवाई अड्डे पर संवाददाताओं से कहा, हम केवल मध्यस्थ हैं। सरकार पर दबाव डालने का कोई सवाल नहीं हैं। हमें अभी तक बातचीत के कार्यक्रम की जानकारी नहीं है और सरकार से बात किए बगैर अभी हम कुछ नहीं कह सकते। नक्सलियों और सरकार के बीच मध्यस्था करने वाले दोनों मध्यस्थ जैसे ही भुवनेश्वर हवाई अड्डे पर पहुंचे, उन्हें राज्य सरकार के गेस्ट हाऊस ले जाया गया।
हरगोपाल अन्य मध्यस्थों से बातचीत करने के लिए शनिवार को नई दिल्ली से हैदराबाद पहुंचे थे। हरगोपाल के अलावा मध्यस्थों में सोमेश्वर राव और नक्सली समर्थक और लेखक वारावारा राव भी शामिल हैं। जिलाधकारी की सुरक्षित रिहाई को लेकर तीनों मध्यस्थ हैदराबाद विश्वविद्यालय में मिले, जहां उन्होंने मध्यस्था की रूपरेखा तैयार करने के लिए बातचीत की।
नक्सलियों ने अपनी मांगे पूरी करने के लिए दो दिनों की समय सीमा तय की थी, जो शुक्रवार शाम को समाप्त हो गई थी लेकिन नक्सलियों ने बाद में समय सीमा को और बढ़ा दिया। उल्लेखनीय है कि उड़ीसा के मलकानगिरी के जिलाधिकारी आर. विनील कृष्णा और उनके साथ मौजूद एक जूनियर इंजीनियर को नक्सलियों ने बुधवार शाम को अगवा कर लिया था। देश में पहली बार नक्सलियों ने जिलाधिकारी स्तर के अधिकारी को अगवा किया है।












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