निठारी केस: कब मिलेगी पंढेर को सज़ा?

आरुषि हत्याकांड में जिस तरह सबूतों को मिटाने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई, उसी तरह निठारी केस में भी सबूत इस तरह मिटाए गए, कि बंगले का मालिक पंढेर को जीवन और नौकर कोली को मौत मिली। निचली अदालत ने 12 फरवरी 2008 को रिंपा हलधर को अगवा कर बलात्कार और हत्या करने पर पंढेर और कोली को मौत की सजा सुनाई थी। लेकिन मामला जब इलाहाबाद हाई कोर्ट पहुंचा तो सबकुछ उलट हो गया। हाई कोर्ट ने पंढेर को बरी कर दिया।
उसके बाद 7 जनवरी 2010 को सुप्रीम कोर्ट ने कोली को फांसी की सज़ा पर रोक लगा दी, लेकिन 18 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने अपनी रोक हटाते हुए कोली को फांसी पर अपनी मुहर लगा दी।
पंढेर पर फैसला अभी आना बाकी है। हाई कोर्ट में हर चुके रिंपा हलधर के परिजन के वकील सुप्रीम कोर्ट में पंढेर के गुनाह साबित कर पाएंगे या नहीं यह तो सुनवाई के दौरान ही पता चलेगा, लेकिन फिर भी अगर पंढेर के वकील उसे पाक साफ बताने में कामयाब हो जाते हैं, तो लोगों का विश्वास शायद कोर्ट पर से उठ जाएगा, क्योंकि यह बात सीबीआई की रिपोर्ट में साफ है कि कोली ने जो भी गुना किए वो सब पंढेर के संरक्षण में किए।
पंढेर की सज़ा पर आपकी क्या राय है? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में लिखें।












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