कलमाड़ी का काला चिठ्ठा खोल सकते हैं शेखर देवरुखकर?

कॉमनवेल्थ गेम्स में हुए घोटाले में अचानक एक नया नाम आने से आप भी चकरा गए होंगे। कि आखिर ये देवरुखकर हैं कौन? ऊपरी तौर पर कहा जाए तो देवरुखकर कलमाड़ी के बहुत खास आदमी हैं और सीबीआई ने इन्हें शुक्रवार को पुणे से गिरफ्तार किया और फिर दिल्ली लायी। दिल्ली में उनहें अदालत में पेश किया गया, जिसके बाद पांच दिन की रिमांड पर भेज दिया गया।
हम आपको बता दें कि यह पांच दिन सीबीआई के लिए काफी अहम साबित हो सकते हैं, क्योंकि देवरुखकर से अगर कड़ाई से पूछताछ की जाए, तो वो कलमाड़ी के काले चिठ्ठे आसानी से खोल सकता है।
देवरुखकर पुणे में काफी जाना माना नाम हैं। वो कलमाड़ी के संपर्क में पहली बार प्रोटोकॉल अधिकारी के रूप में तब आए, जब कलमाड़ी 1990 के दशक में रेल राज्यमंत्री हुआ करते थे। देवरुखकर के हाथ में कलमाड़ी के प्रोटोकॉल की कमान थी। देवरुखकर ने फिर रेलवे की नौकरी छोड़ दी और कलमाड़ी के पर्सनल असिसटेंट यानी निजी सचिव बन गए।
इस दौरान देवरुखकर ने कलमाड़ी के साथ गहरे संबंध स्थापित किए। नतीजतन कलमाड़ी ने उन्हें राष्ट्रमंडल खेल की आयोजन समिति का निर्देशक बना दिया। सीबीआई के सूत्रों के मुताबिक देवरुखकर को मिस्टर फिक्स इट के रूप में जाना जाता है, उन्होंने सीडब्ल्यूजी के लिए बड़ी-बड़ी कंपनियों के साथ डील फिक्स करायी।
माना जा रहा है कि देवरुखकर पर कलमाड़ी सबसे जयादा विश्वास करते हैं, और यही कारण है कि वो उनके बारे में शुरू से आखीर तक सब जानते हैं। कलमाड़ी के तीन सहयोगियों को गिरफ्तार करने के बाद चार्जशीट दाखिल करने में नाकाम रही सीबीआई को इस बार सफलता की काफी उम्मीदें हैं।












Click it and Unblock the Notifications