अपने पिता के बारे में जानने का हर बच्चे को अधिकार: हाईकोर्ट
न्यायमूर्ति विक्रमजीत सेन और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल की पीठ ने कहा कि तिवारी की ओर से मंगलवार को कोई संयुक्त रजिस्ट्रार के समक्ष पेश होकर सभी औपचारिकताएं पूरी कराए। अदालत ने तब तक के लिए डीएनए परीक्षण के खिलाफ दायर तिवारी की याचिका पर आदेश सुरक्षित कर लिया है। एनडी तिवारी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं।
ज्ञात हो कि रोहित शेखर (31) ने दावा किया है कि वह तिवारी का बेटा है और उसकी मां उज्ज्वला शर्मा के साथ तिवारी के कथित सम्बंधों की वजह से उसका जन्म हुआ है। लेकिन तिवारी ने रोहित शेखर की याचिका का विरोध किया है। तिवारी ने दावा किया है कि उज्ज्वला के साथ कभी भी उनका सम्बंध नहीं रहा। उन्होंने कहा कि रोहित डीएनए परीक्षण की मांग करने का अधिकारी नहीं है।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने 23 दिसम्बर को तिवारी को आदेश दिया था कि वह डीएनए परीक्षण कराकर शेखर के दावे को स्पष्ट करें।
न्यायमूर्ति एस.रवींद्र भट्ट की एकल पीठ ने कहा, "अपने पिता के बारे में जानने के किसी बच्चे के अधिकार को दरकिनार नहीं किया जा सकता।"













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