पर्यावरण की दृष्टि से निराशाजनक रहा कानकुन सम्मेलन : रमेश
दिल्ली टिकाऊ विकास सम्मेलन (डीएसडीएस) में रमेश ने कहा कि उन्हें इस साल डर्बन में होने वाले संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन से भी ज्यादा उम्मीद नहीं है।
"हमें यथार्थवादी रहना चाहिए और जो कुछ डर्बन में हासिल नहीं किया जा सकता हमें उसकी उम्मीद नहीं करनी चाहिए, और हम एक और निराशा की तैयारी कर रहे हैं।"
उन्होंने कहा, "यदि आप पर्यावरण के नजरिए से पूछें तो कानकुन के परिणाम निराशाजनक रहे लेकिन राजनीतिक रूप से इसके परिणाम काफी अच्छे रहे।"
उन्होंने चार मुद्दों की सूची प्रस्तुत की जिन पर डर्बन में अंतिम निर्णय नहीं हो सकेगा।
रमेश ने कहा, "मुझे नहीं लगता कि क्योटो प्रोटोकॉल के लिए दूसरी प्रतिबद्धता अवधि तय करने और कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए कानूनी रूप से बाध्य समझौते हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि तापमान में 1.5 या 2 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने का विवाद और कार्बन उत्सर्जन कटौती के लिए लक्ष्य वर्ष तय करने का विवाद भी हल होने की संभावना नहीं है।"
उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि डर्बन में कोई ठोस परिणाम निकल पाना मुश्किल है। इसका यह मतलब नहीं कि हम इसके लिए काम करना बंद कर दें।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications