यूनीटेक ने कहा 'स्पेक्ट्रम आवंटन में कुछ गलत नहीं किया'
कम्पनी ने एक बयान में कहा कि उसने दूरसंचार कम्पनी यूनीनॉर से अपना कोई भी शेयर टेलीनॉर समूह को नहीं बेचा है। यह कहना बिल्कुल गलत है कि लाइसेंस आवंटन के दौरान यूनीटेक के साथ नरमी बरती गई थी।
यूनीटेक ने 1,658 करोड़ रुपये में 22 सर्किलों के दूरसंचार लाइसेंस खरीदे थे और 6,100 करोड़ रुपये में नार्वे की दूरसंचार कम्पनी टेलीनॉर को दूरसंचार उपक्रम की 76 फीसदी हिस्सेदारी बेच दी थी।
कम्पनी ने कहा कि उसने अपनी आठ कम्पनियों और अन्य आठ कम्पनियों के साथ मिलकर सरकार द्वारा तय की गई कीमत पर लाइसेंस खरीदा था और इसके लिए दूरसंचार दिशा-निर्देश में बताई गई सभी औपचारिकताएं पूरी की थीं।
कम्पनी पर आरोप है कि 2008 में 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन में उसके साथ अतिरिक्त नरमी बरती गई थी।
केंद्रीय जांच ब्यूरो ने 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन मामले में अनियमितता बरतने के आरोप में पूर्व दूरसंचार मंत्री ए. राजा और उनके दो सहयोगियों को बुधवार को गिरफ्तार किया।
सीबीआई की विशेष अदालत ने गुरुवार को राजा और उनके दो सहयोगियों को पांच दिनों के लिए सीबीआई की हिरासत में भेज दिया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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