देश की आंतरिक सुरक्षा की सबसे बड़ी चुनौती नक्सली
नई दिल्ली | प्रधानमंत्री देश की आंतरिक सुरक्षा को लेकर काफी चिंतित हैं। उनका कहना है कि देश में वामपंथी चरमपंथ से लेकर जातीय हिंसा, सीमा पार आतंकवाद और धार्मिक कट्टरवाद जैसे बड़े खतरे हैं। हालांकि उन्होने ये भी कहाकि देश में पिछले साल वामपंथी चरमपंथ का खतरा थोड़ा कम हुआ है लेकिन अन्य खतरे बरकरार हैं। छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड राज्यों के हालात उन्होने चिंताजनक बताए हैं।
प्रधानमंत्री ने ये बातें मुख्यमंत्रियों की एक बैठक को संबोधित करते हुए कहीं। इस बैठक का विषय देश की आंतरिक सुरक्षा था। मनमोहन सिंह ने गृहमंत्री पी चिदंबरम की नीतियों और कार्य प्रणाली की तारीफ करते हुए कहाकि उन्होने देश के आंतरिक मसलों को बाखूबी संभाला है। इस बैठक का उद्घाटन प्रधानमंत्री ने किया। चिदंबरम ने बैठक को संबोधित करते हुए देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा नक्सलवाद को बताया है। मुख्यमंत्रियों की बैठक अभी इस विषय पर जारी है।













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