भारतीय सांसदों की पत्रिका का विमोचन
इस अवसर पर बोलते हुए प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने कहा कि संसद विचारों के आदान-प्रदान, बहस और कानून बनाने का प्राथमिक मंच है, इसलिए हम सबका यह दायित्व है कि देश के प्राथमिक विधायी मंच होने के नाते संसद के इन कार्यों को भुलाया न जाए। यह वास्तव में समकालीन राजशासन, समाज और अर्थव्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण मुख्य मुद्दों पर विचारों के आदान-प्रदान का मंच है।
उन्होंने कहा कि इनके अलावा अन्य मामले भी हैं जो जनता का ध्यान आकृष्ट करते हैं और वे हैं निर्वाचनीय सुधार, राजनीतिक द¶ों को धन प्राप्त होने के तौर-तरीके और सकारात्मक कार्य की प्रभावशी¶ता या प्रभावशी¶ता की कमी से संबंधित मामले जो भारतीय संविधान के प्रमाण चिह्न् है।
मनमोहन सिंह ने कहा कि इन सभी मामलों में सजग या जानकार बहस की जरूरत है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि कांस्टीट्यूशन क्लब की यह इन-हाउस पत्रिका हमारी राष्ट्रीय राजनीति से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों पर बहस और विचारों के आदान-प्रदान का अवसर प्रदान करेगी। अपने भाषण के अंत में प्रधान मंत्री ने सेंट्रल हॉल पत्रिका की प्रबंध परिषद और सम्पादकीय मंडल को इस पहल के ¶िए एक बार पुन: बधाई दी और उम्मीद जताई कि यह न केवल मनोरंजन बल्कि राष्ट्रीय महत्व के मुख्य मुद्दों पर वास्तविक बहस का मंच सिद्ध होगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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