आईएनएस विंध्यागिरी टक्कर मामले में जांच के आदेश (लीड-1)
इस टक्कर में हालांकि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है लेकिन इस घटना में आईएनएस विंध्यागिरी को काफी नुकसान पहुंचा है।
नौसेना अधिकारियों की शिकायत पर एमवी नोर्दलेक के कर्मी द¶ के खि¶ाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इस मामले में फि¶हा¶ किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
रक्षा प्रवक्ता मनोहर नाम्बियार ने कहा कि जहाज में आग बुझाते वक्त पानी भर गया था जिसकी वजह से वह एक ओर झुक गया है। लेकिन ते¶ छ¶काने की घटना नहीं घटी है।
नीलगिरी श्रेणी का यह युद्धपोत रविवार शाम करीब पांच बजे एमवी नोर्दलेक से टकरा गया था। इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
नौसेना का अग्निशमन दस्ता, मुम्बई अग्निशमन दस्ते की मदद से आग पर काबू पा लिया गया। टक्कर के बाद युद्ध पोत को पहुंचे नुकसान का जायजा लेने के लिए जब उसे नौसेना की गोदी लाया गया, तभी उसका इंजन रूम धू-धूकर जलने लगा। सूत्रों ने बताया कि युद्धपोत को बचाए जा सकने की सम्भावना बहुत कम है।
हादसे के समय आईएनएस विंध्यागिरी 'डे एट सी' के बाद मुम्बई बंदरगाह लौट रहा था जबकि कंटेनरों से लदा एमवी नोर्दालेक बंदरगाह से बाहर जा रहा था। आईएनएस विंध्यागिरी में नौसेना कर्मी और उनके परिवार के सदस्य सवार थे।
दोनों पोतों के बीच टक्कर मुम्बई पोर्ट ट्रस्ट और जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट द्वारा इस्तेमाल में लाए जाने वाले मुख्य नेवीगेशन चैनल में हुई।
इस हादसे में किसी के हताहत होने या तेल रिसाव की कोई सूचना नहीं है। पूछताछ के लिए व्यापारिक पोत को रोक लिया गया है।
विंध्यागिरी 3000 टन भार वाला 20 साल पुराना युद्ध पोत है जिसे 1981 में नौसेना में शामिल किया गया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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