उप्र में हिमगिरि एक्सप्रेस की छत से गिरकर 14 युवकों की मौत (राउंडअप)
शाहजहांपुर/लखनऊ/ बरेली, 1 फरवरी (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में मंगलवार को हिमगिरि एक्सप्रेस रेलगाड़ी की छत पर सवार लगभग दो दर्जन से अधिक युवक ओवरब्रिज से टकराकर गिर गए। इस हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है। ये युवक बरेली में हुई भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की भर्ती प्रक्रिया में शामिल होकर लौट रहे थे। राज्य सरकार, रेलवे और आईटीबीपी ने घटना की जिम्मेदारी लेने से इंकार किया है।
शाहजहांपुर के पुलिस अधीक्षक अखिलेश कुमार ने संवाददाताओं के बताया कि हादसा मंगलवार को शाहजहांपुर के रोजा स्टेशन के पास तब हुआ जब हिमगिरि एक्सप्रेस रेलगाड़ी की छत पर बड़ी संख्या में सवार युवकों में से कई ओवरब्रिज से टकरा गए।
शाहजहांपुर के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डी.के.सोनकर ने आईएएनएस को बताया कि इस हादसे में अब तक 14 की मौत हो गई है।
उन्होंने कहा कि इस समय कुल 14 घायलों का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है, जिनमें से सात को हालत गंभीर होने पर लखनऊ के छत्रपति शाहूजी महाराज चिकित्सा विश्वविद्यालय (सीएसएमएमयू) स्थानांतरित किया जा रहा है।
भर्ती प्रक्रिया में शामिल होकर लौटे अभ्यर्थियों ने हादसे के बाद तोड़फोड़ कर रेलगाड़ी की एक बोगी को आग लगा दी। आग दो अन्य बोगियों में भी फैल गई। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि आगजनी और तोड़फोड़ से पहले ही इन बोगियों में सवार यात्रियों को बाहर निकालकर सुरक्षित जगह पर पहुंचा दिया गया। हालात सामान्य होने पर जल्द ही उन्हें उनके गंतव्य तक पहुंचाया जाएगा।
उत्तर प्रदेश के विशेष पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) बृजलाल ने संवाददाताओं को बताया कि रेल की बोगियों में लगाई गई आग बुझा ली गई है। फिलहाल हालात पूरी तरह काबू में है। मौके पर रेलवे पुलिस के अलावा बड़ी संख्या में स्थानीय पुलिसकर्मी तैनात हैं।
इससे पहले आईटीबीपी की चतुर्थ श्रेणी की भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने के लिए बरेली पहुंचे विभिन्न राज्यों के करीब चार लाख अभ्यर्थियों ने आईटीबीपी की बदइंतजामी से नाराज होकर बस स्टेशन, रेलवे लाइन, पेट्रोल पंप सहित कई सार्वजनिक संपत्तियों को निशाना बनाया।
बिहार से आए एक अभ्यर्थी विजय कुमार ने कहा कि मंगलवार को आईटीबीपी सेंटर पहुंचने पर द्वार पर तैनात सुरक्षाबलों ने उन्हें अंदर जाने से रोका। विरोध करने पर वे बल प्रयोग करने लगे, जिसके बाद अभ्यर्थी उग्र हो गए।
गुस्साए अभ्यर्थियों ने परिवहन निगम की पांच बसों को आग के हवाले कर दिया और कई निजी वाहनों तथा बरेली-बदायूं मार्ग पर कई दुकानों में भी तोड़फोड़ की। हंगामे के बाद भर्ती प्रक्रिया को रोक दी गई। अपने घर लौट रहे अभ्यार्थी हिमिगरि एक्सप्रेस की बोगियों में जगह न पाकर बड़ी संख्या में छत पर सवार हो गए।
राज्य सरकार का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया के मद्देनजर आईटीबीपी की तरफ से बरेली में पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे। बृजलाल ने कहा कि आईटीबीपी अधिकारियों ने भर्ती प्रक्रिया में लाखों अभ्यर्थियों के पहुंचने के बारे में न तो बरेली जिला प्रशासन को सूचित किया और न ही पुलिस महानिदेशक कार्यालय को, जिस कारण यह समस्या उत्पन्न हुई। उन्होंने कहा कि अन्य अभ्यर्थियों को वापस लाने के इंतजाम किए गए हैं।
लखनऊ रेलवे के वरिष्ठ उपमंडल प्रबंधक (आपरेशंस) विकास चौबे ने संवाददाताओं से कहा कि शाहजहांपुर में मौजूद अभ्यर्थियों को वापस लाने के लिए एक विशेष रेलगाड़ी भेजी गई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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