दक्षिणी तट की सुरक्षा में खामियों को दूर करें : करुणानिधि
नई दिल्ल, 1 फरवरी (आईएएनएस)। देश की सुरक्षा को दक्षिणी तट से खतरे की चेतावनी के मद्देनजर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि ने मंगलवार को निगरानी क्षमता बढ़ाने सहित सुरक्षा में खामियों को संसाधनों एवं व्यक्तिगत स्तर से दूर करने का आह्वान किया।
आंतरिक सुरक्षा विषय पर यहां आयोजित मुख्यमंत्रियों के चौथे सम्मेलन में उन्होंने कहा, "तटीय इलाकोंकी सुरक्षा पर ध्यान देना जरूरी है। सुरक्षा उपायों में खामियों को संसाधनों और व्यक्तिगत स्तर से दूर किया जाना चाहिए। साथ ही देश के उत्तरी, पश्चिमी तथा पूर्वी सीमाओं पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।"
इस सम्मेलन को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह तथा कें द्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम ने भी संबोधित किया।
करुणानिधि ने कहा, "अनुरोध है कि अधिक पोत, पुलिस थाने तथा सुरक्षाकर्मियों की संख्या बढ़ाने की हमारी मांग पर गौर किया जाए एवं निगरानी क्षमता बढ़ाई जाए।"
करुणानिधि ने इंटरनेट के जरिए मिलने वाली धमकियों का भी जिक्र किया।
उन्होंने कहा, "भोले-भाले और निर्दोष लोगों को आए दिन इंटरनेट के जरिए अपराधियों द्वारा धमकियां दी जा रही हैं। इससे उन्हें आर्थिक क्षति और मानसिक पीड़ा झेलनी पड़ती है। इस दिशा में भारत सरकार की ओर से व्यापक रणनीति तैयार की जानी चाहिए।"
श्रीलंका नौसेना द्वारा भारतीय मछुआरों की बार-बार हत्या का का जिक्र करते हुए करुणानिधि ने कहा, "मछुआरों के अनजाने में अंतर्राष्ट्रीय सीमा पार करने और पश्चिम तथा पूर्व में अन्य पड़ोसी देशों द्वारा उन्हें पकड़ लिए जाने का यह मतलब नहीं है कि उन्हें शारीरिक तौर पर हानि पहुंचाया जाए।"
उन्होंने हालांकि कहा, "श्रीलंका की अंतर्राष्ट्रीय समुद्री सीमा पार करने पर भारतीय मछुआरों को बार-बार शारीरिक तौर पर हानि पहुंचाया गया, उत्पीड़ित किया गया और अंतत: मार दिया गया।"
पुलिस बलों के आधुनिकीकरण के लिए केंद्र सरकार से पर्याप्त धन आवंटन की मांग करते हुए करुणानिधि ने सुझाव दिया कि बृहत नगरीय पुलिस व्यवस्था के लिए केंद्र संपोषित पृथक योजना तैयार की जाए।
उल्लेखनीय है कि करुणानिधि के इस सुझाव को अमल में लाने की घोषणा आगामी केंद्रीय बजट में होने की संभावना है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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