पॉस्को को स्वीकृति के खिलाफ उड़ीसा में रैली
अलग-अलग गांवों से महिला और पुरुषों की रैलियां निकलीं और परियोजना क्षेत्र के केंद्रीय गांव पटाना में इकट्ठा हो गईं।
एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि रैली शांतिपूर्ण रही। लोग हाथों में तख्तियां लिए थे और 'पॉस्को वापस जाओ' तथा 'हम मर जाएंगे लेकिन जमीन खाली नहीं करेंगे' जैसे नारे लगा रहे थे।
रैली का आयोजन करने वाले पॉस्को प्रतिरोध संघर्ष समिति ने कहा कि ऐसी अनेक रैलियां आयोजित की जाएंगी।
समिति के प्रवक्ता प्रशांत परिक्रे ने कहा कि वे दिल्ली जाकर प्रदर्शन करेंगे और देश भर में विस्थापन के शिकार लोग उनका साथ देंगे।
पर्यावरण मंत्रालय ने सोमवार को दक्षिण कोरिया की इस्पात कम्पनी पॉस्को की 12 अरब डॉलर की प्रस्तावित इस्पात, खनन और बंदरगाह परियोजना को सशर्त मंजूरी दे दी।
इतनी बड़ी राशि का यह देश में अब-तक का सबसे बड़ा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश है।
हजारों स्थानीय निवासी पान की खेती उजड़ने और विस्थापन के भय से परियोजना का विरोध कर रहे हैं।
पॉस्को और सरकार का हालांकि मानना है कि इस परियोजना से क्षेत्र में समृद्धि आएगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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