बिहार : जूनियर डाक्टरों की हड़ताल जारी, स्वास्थ्य सेवा चरमराई (राउंडअप)
गया में एएनएमसीएच में स्थानीय लोगों ने ठप्प पड़ी चिकित्सा सेवा बहाल करने की मांग को लेकर जमकर हंगामा किया तथा जूनियर डाक्टरों के खिलाफ नारे लगाए। लोगों के आक्रोश को देखते हुए एएनएमसीएच के मुख्य द्वार पर हड़ताल कर रहे जूनियर डाक्टर उस समय पीछे हट गए।
एएनएमसीएच में रविवार देर रात एक विधायक के दो अंगरक्षकों ने कथित तौर पर गोलीबारी की थी।
हालात बिगड़ते देख पुलिस मौके पर पहुंच गई। गया के पुलिस अधीक्षक (नगर) दलजीत सिंह ने कहा कि अस्पताल परिसर में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है तथा चिकित्सा सेवा बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं एएनएमसीएच प्रशासन ने दावा किया है कि आपातकालीन चिकित्सा सेवा बहाल कर दी गई है, जिससे जूनियर डाक्टर अलग हो गए हैं।
पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) प्रशासन ने आपातकालीन चिकित्सा सेवा जारी रखने के लिए सरकार से 25 चिकित्सकों की मांग की है।
पीएमसीएच के उपाधीक्षक डॉ़ आऱ क़े सिंह ने मंगलवार को बताया कि राज्य सरकार से 25 चिकित्सकों की मांग की गई है। उन्होंने माना कि हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई हैं, लेकिन सीनियर डाक्टरों ने मोर्चा संभाल लिया है।
राज्य के इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने भी हड़ताली जूनियर डाक्टरों से काम पर लौटने की अपील की है। एसोसिएशन के सचिव डा़ अशोक कुमार यादव ने गया के मेडिकल कॉलेज में हुए हंगामे और गोलीबारी को राज्य में ऐसी पहली घटना बताते हुए सरकार से दोषियों के खिलाफ तत्काल कारवाई की मांग की है।
गौरतलब है कि राज्य के चिकित्सकों को सुरक्षा देने समेत चार मांगों को लेकर पीएमसीएच और एएनएमसीएच सहित राज्य के सभी छह मेडिकल कॉलेजों के जूनियर डाक्टर सोमवार से हड़ताल पर चले गए।
जूनियर डाक्टर्स एसोसिएशन (जेडीए) के सचिव डा़ धीरेंद्र कुमार ने मंगलवार को बताया कि राज्य में करीब 1500 से ज्यादा जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर चले गए हैं। उन्होंने कहा कि उनकी मुख्य मांगों में आरोपित विधायक की गिरफ्तारी और उनकी विधानसभा से सदस्यता खत्म करते हुए भविष्य में उन्हें चुनाव लड़ने से रोकना तथा मेडिकल प्रोफेशन प्रोटेक्शन एक्ट लागू किया जाना शामिल है।
ज्ञात हो कि पुलिस की लगातार छापेमारी के बावजूद आरोपी विधायक को अब तक गिरफ्तार नहीं किया जा सका है।
इस बीच राज्य के स्वास्थ्य मंत्री अश्विनी चौबे ने कहा कि एएनएमसीएच में गोलीबारी करने वाले बख्शे नहीं जाएंगे। उन्होंने कहा कि विधानसभा के आगामी सत्र में चिकित्सकों की सुरक्षा को लेकर विधेयक लाने पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में जूनियर डाक्टरों के हड़ताल पर चले जाने से उत्पन्न स्थिति को दुरुस्त करने की व्यवस्था की जा रही है।
उन्होंने हड़ताल पर गए जूनियर डाक्टरों से हड़ताल खत्म करने की अपील की है।
उल्लेखनीय है कि गया के एएनएमसीएच में रविवार देर रात बेलागंज के विधायक सुरेंद्र प्रसाद यादव के दो अंगरक्षकों द्वारा कथित तौर पर गोली चलाए जाने से तीन जूनियर डाक्टर घायल हो गए थे।
पुलिस ने हालांकि दोनों सुरक्षाकर्मियों को निलंबित करते हुए गिरफ्तार कर लिया है तथा विधायक को भी गिफ्तार करने का आदेश दिया गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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